जामताड़ा: राज्य के ज्वलंत मुद्दों और जिले की स्थानीय समस्याओं को लेकर मंगलवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जामताड़ा जिला कमिटी ने अनुमंडल कार्यालय के समक्ष जोरदार जन प्रदर्शन किया. राज्य कमिटी के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में मजदूर, किसान और अन्य मेहनतकश लोग शामिल हुए. प्रदर्शन के बाद पार्टी के शिष्टमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम मांगों से संबंधित स्मार-पत्र सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जनसमस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की. सीपीआईएम ने विस्थापन आयोग के गठन में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए इसे शीघ्र गठित करने की मांग की. पार्टी ने कहा कि आयोग के दायरे में केवल खनन से विस्थापित लोगों को नहीं, बल्कि अन्य परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए. अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की सहमति और अधिकारों की अनदेखी कर एमडीओ के माध्यम से कराए जा रहे कोयला खनन पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. पार्टी ने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों का असर खेती और पर्यावरण पर पड़ रहा है. बढ़ते प्रदूषण और अनियंत्रित कोयला परिवहन के कारण दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंका को देखते हुए सरकार से प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई. आदिवासियों, ग्रामीण रैयतों और पीवीजीटी समुदाय के लंबे समय से बसे लोगों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और नौकरी दिए बिना जबरन विस्थापन पर रोक लगाने की भी मांग की गई.


राशन कार्ड से लेकर वनपट्टा तक उठाया मुद्दा
सीपीआईएम ने लैंड बैंक को रद्द करने तथा जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में सुधार के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की मांग की. पार्टी ने कहा कि राज्य के सभी जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड मिलना चाहिए और राशन कार्ड बनाने के लिए जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए. वनपट्टा के लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन तथा हाथियों के प्रकोप से हुई जान-माल की क्षति को लेकर सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को धरातल पर लागू करने की मांग भी की गई.
जामताड़ा की समस्याओं पर भी सरकार को घेरा
मांगपत्र में जिले की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया. सीपीआईएम ने अजय बराज के केनाल में सालों भर निर्बाध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की. जामताड़ा में पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बजाय मौजूदा सदर अस्पताल के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई.सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने, दोनों नगर पंचायत क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई और मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई गई. जाति और आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की भी मांग की गई.
पार्टी ने ग्रामीण मजदूरों के लिए मनरेगा का काम अविलंब शुरू कराने की मांग करते हुए कहा कि रोजगार के अभाव में ग्रामीण मजदूरों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है. इसके अलावा रसियाभीटा आदिवासी बस्ती को पोसई मोड़ के समीप मुख्य मार्ग से जोड़ने तथा जामताड़ा प्रखंड के शहरपुरा के पक्की सड़क विहीन मोहल्ले में सड़क निर्माण की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार यदि इन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है तो मांगों पर महज आश्वासन के बजाय समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

