गम्हरिया: नव ज्योति विद्या मंदिर स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय ‘हिंदी उत्सव 2026-त्रिवेणी संगम’ का शनिवार को रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ. अंतिम दिन आयोजित ‘संस्कृति संगम’ में विद्यार्थियों ने नाटक, नृत्य और साहित्यिक प्रस्तुतियों के जरिए हिंदी भाषा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की झलक पेश की.


कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के सचिव डॉ. संजीव कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य अनामिका श्रीवास्तव और अतिथि समाजसेवी मनीष कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. सचिव डॉ. श्रीवास्तव ने हिंदी भाषा के महत्व और उत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला.
कक्षा 3, 4 और 5 के बच्चों ने हिंदी भाषा और सामाजिक विषयों पर आधारित पांच नाटकों की प्रस्तुति दी. वहीं ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं.
कार्यक्रम का खास आकर्षण मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कृति ‘गोदान’ का लघु नाट्य मंचन रहा. कक्षा 10 और 6 के विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर किया. कक्षा 7 और 8 के विद्यार्थियों ने ‘आत्मविश्वास’ नाटक के माध्यम से मानसिक मजबूती और स्वयं के सामर्थ्य पर विश्वास का संदेश दिया.
समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. प्राचार्य अनामिका श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ तीन दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ. इस दौरान “शब्दों से संस्कृति, संस्कृति से संस्कार” का संदेश पूरे आयोजन का केंद्र रहा.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

