जामताड़ा: साइबर अपराध के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को एक और सफलता मिली है. पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक कथित साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.


पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था. टीम में पु.नि. मनीष कुमार गुप्ता और पु.अ.नि. हीरालाल महतो समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे. टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सकलपुर से बरमुण्डी जाने वाले रास्ते में भेलवाटांड़ स्थित पोखर के समीप ट्रांसफॉर्मर पोल के पास बांस झाड़ी में छापेमारी की. इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महताब अंसारी, उम्र 27 वर्ष, पिता स्वर्गीय मुख्तार अंसारी, निवासी बरमुण्डी, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा के रूप में हुई है.
SBI क्रेडिट कार्ड बंद होने का देता था झांसा.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी लोगों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड के संबंध में फोन करता था. वह क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी कराने का झांसा देकर लोगों को अपने विश्वास में लेता था. इसके बाद पीड़ितों के मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड करवाता था.
पुलिस के अनुसार, APK डाउनलोड कराने के बाद आरोपी क्रेडिट कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करता था. इसी जानकारी का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए किया जाता था.
कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के साइबर अपराध का दायरा देश के अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ है. मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 55/26, दिनांक 6 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है.
चार मोबाइल और पांच सिम बरामद.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं. बरामद मोबाइल और सिम की जांच के जरिए पुलिस साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है.
पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है. पूछताछ के दौरान उसके गिरोह में शामिल अन्य लोगों, साइबर ठगी के नेटवर्क और देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय संपर्कों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंच बनाई जा सकती है.

