जामताड़ा/रूपनारायणपुर/बिहार के जमुई से बालू लेकर पश्चिम बंगाल के डानकुनी जा रहे सैकड़ों ट्रक बंगाल- झारखंड सीमा पर रूपनारायणपुर के पास फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि वाहनों में GPS आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और जियो- टैगिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है. 29 अगस्त से सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार लगी है, जो झारखंड की ओर कई किलोमीटर तक पहुंच गई है.


ई-चालान होने के बावजूद नहीं मिल रहा प्रवेश
ट्रक चालकों के अनुसार, उनके पास वैध ई-चालान के आधार पर बालू का परिवहन किया जा रहा था. हालांकि, पश्चिम बंगाल में खनिज परिवहन को लेकर लागू किए गए नए नियमों के तहत अब वाहनों में VLTD यानी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया गया है. इसी तकनीकी व्यवस्था के अभाव में रूपनारायणपुर चेकपोस्ट पर वाहनों को रोक दिया गया है.
चालकों का कहना है कि उन्हें पहले इस नए नियम की जानकारी नहीं थी. ई-चालान के आधार पर ही ट्रक लेकर वे बंगाल की सीमा तक पहुंचे थे, लेकिन अब चेकपोस्ट पर प्रवेश नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है.
ई-चालान की अवधि खत्म, कार्रवाई का डर
लगातार कई दिनों तक ट्रक खड़े रहने के कारण चालकों के सामने एक और संकट खड़ा हो गया है. वाहनों के ई-चालान की वैधता समाप्त हो जाने से अब उनके दस्तावेज बेकार हो गए हैं. चालकों को आशंका है कि ऐसी स्थिति में ट्रक आगे बढ़ाने पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
वहीं, सड़क किनारे कई दिनों से खड़े रहने के कारण चालक और खलासी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं. भीषण उमस और गर्मी के बीच पानी और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
फर्जी ई-चालान पर लगाम के लिए बढ़ी सख्ती
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में खनिज परिवहन से जुड़े कुछ फर्जी ई-चालान सामने आने के बाद निगरानी व्यवस्था को सख्त किया गया है. जांच में कथित तौर पर ऐसे मामले मिले हैं, जिनमें चालान बिहार के नाम पर जारी हुआ, जबकि संबंधित व्यक्ति का पता पश्चिम बंगाल के किसी दूरस्थ इलाके का था. इसी तरह की कथित धांधली पर रोक लगाने के लिए बालू, कोयला समेत खनिज परिवहन में GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग को महत्व दिया जा रहा है. अब परिवहन किए जा रहे खनिज की उत्पत्ति, वाहन की लोकेशन और संबंधित दस्तावेजों की जांच पर जोर दिया जा रहा है.
झारखंड सीमा तक ट्रकों की लंबी कतार
नए तकनीकी नियम की जानकारी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर पुराने दस्तावेजों के आधार पर ही ट्रक लेकर रवाना हो गए. सीमा पर वाहनों को रोके जाने के बाद झारखंड की ओर भी ट्रकों की लंबी कतार लग गई है. कई चालक कई दिनों से सड़क पर ही अपने वाहनों के साथ फंसे हैं.
चालकों और ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर तत्काल समाधान निकालने, दस्तावेजों की वैधता और VLTD संबंधी समस्या का रास्ता निकालने तथा फंसे वाहनों को सुरक्षित रूप से आगे जाने की अनुमति देने की मांग की है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

