सरायकेला: जिले के कुचाई प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विद्यालय के सुचारू संचालन, छात्राओं के सर्वांगीण विकास तथा शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन किया गया. समिति गठन की प्रक्रिया पर्यवेक्षक सह सीआरपी राजेन्द्र गुंदुवा की उपस्थिति में संपन्न हुई.



विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय से जुड़े अन्य सदस्यों ने भाग लिया. बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन पर विस्तृत चर्चा की गई. सर्वसम्मति से ललिता उरांव को समिति का अध्यक्ष, बसंती सोय को उपाध्यक्ष तथा विद्यालय की वार्डन चंचला बांकिरा को सचिव चुना गया.

इस अवसर पर पर्यवेक्षक सह सीआरपी राजेन्द्र गुंदुवा ने नवगठित समिति के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों एवं कर्तव्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति विद्यालय और समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करती है. समिति के माध्यम से छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाती है. उन्होंने सभी सदस्यों से सक्रिय भूमिका निभाते हुए विद्यालय के समग्र विकास में योगदान देने का आह्वान किया.
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललिता उरांव ने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करेंगी. उन्होंने छात्राओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय के विकास के लिए सभी सदस्यों के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई.
उपाध्यक्ष बसंती सोय ने छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने का आश्वासन दिया. वहीं सचिव चंचला बांकिरा ने विद्यालय की गतिविधियों का प्रभावी संचालन तथा समिति के साथ समन्वय स्थापित कर छात्राओं के हित में कार्य करने की बात कही.
बैठक के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास की सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा एवं छात्राओं की नियमित उपस्थिति सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई. उपस्थित सदस्यों ने विद्यालय के समग्र विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया.
बैठक में लेखापाल कृष्ण महतो, नीलम हांसदा, राम विलास महतो, निशारानी, सोमवारी कुमारी, रजनी बोदरा, वाहामनी टोपनो सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे.





