आदित्यपुर- पति-पत्नी के आपसी विवाद में पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पिछले 48 घंटे तक आदित्यपुर थाना पुलिस कथित रूप से लापता पांच वर्षीय बच्चे की तलाश में जुटी रही. अंततः बच्चा अपने पिता के साथ सुरक्षित मिला. पूछताछ में सामने आया कि अपहरण की आशंका निराधार थी और मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था.



जानकारी के अनुसार 24 जुलाई को विद्युत नगर निवासी सानुका महतो ने आदित्यपुर थाना में लिखित आवेदन देकर बताया कि उनका पांच वर्षीय बेटा गायब हो गया है. उन्होंने दावा किया कि एक नीले रंग की स्कूटी से कोई अज्ञात व्यक्ति बच्चे को लेकर चला गया. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस तत्काल सक्रिय हुई. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया.
पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और हर संभावित इनपुट पर जांच की गई, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला.
जांच के दौरान पुलिस का संदेह बच्चे के पिता नीलू महतो पर गया. इसके बाद पुलिस ने जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित गोलपहाड़ी सब्जी मंडी में छापेमारी की, जहां बच्चा अपने पिता के साथ सुरक्षित मिला. पुलिस ने दोनों को थाना लाकर पूछताछ की.
पूछताछ में नीलू महतो ने बताया कि वह बेटे को अपनी पत्नी और सास को जानकारी देकर अपने साथ ले गया था और कुछ दिनों तक उसे अपने पास रखने की बात कही थी. इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि बेटे को जल्द वापस पाने की उम्मीद में उसने पुलिस को भ्रामक सूचना दी थी.
मामले में पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बच्चे को परिजनों को सौंप दिया और दोनों पक्षों को भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की सख्त हिदायत दी. थाना प्रभारी अंजनी सिंह ने कहा कि झूठी या भ्रामक सूचना देने से पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन व्यर्थ होते हैं, जिससे वास्तविक मामलों की जांच भी प्रभावित होती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी घटना की सूचना पुलिस को पूरी सत्यता के साथ दें.





