सरायकेला: आम लोगों के गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सरायकेला थाना पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में शुक्रवार को थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से चार गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया. अपना खोया मोबाइल वापस मिलने पर सभी लोगों ने सरायकेला पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल की सराहना की.



थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रत्येक मामले का गंभीरता से परीक्षण किया. सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की तकनीकी ट्रैकिंग कर उन्हें बरामद किया गया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि बैंकिंग लेन-देन, महत्वपूर्ण दस्तावेज, व्यक्तिगत जानकारी और दैनिक कार्यों का भी अहम हिस्सा बन चुका है. ऐसे में मोबाइल गुम होने पर घबराने के बजाय तुरंत निकटतम थाना में सूचना दें अथवा सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि पुलिस समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सके.
थाना प्रभारी ने कहा कि सरायकेला पुलिस आम नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. किसी भी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम होने पर बिना देर किए थाना में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक करने और ट्रैक करने की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध है. पुलिस टीम तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चला रही है. शुक्रवार को चार मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए हैं और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.
उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर किसी भी दलाल या अफवाह पर भरोसा न करें, बल्कि सीधे पुलिस से संपर्क करें. सरायकेला पुलिस हरसंभव सहायता के लिए सदैव तत्पर है.
मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल वापस मिल जाएगा. सरायकेला पुलिस की सक्रियता और तकनीकी कार्रवाई के कारण उनका मोबाइल सुरक्षित वापस मिल सका. उन्होंने थाना प्रभारी विनय कुमार एवं पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल से आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है.
प्रमोद सिंह (संपादक)





