राजनगर: सरायकेला- खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत महेशकुदर गांव इन दिनों भक्ति. आस्था और धार्मिक उल्लास के रंग में रंगा हुआ है. गांव में नवनिर्मित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को पूरे वैदिक विधि-विधान और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ. आयोजन की शुरुआत 108 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा से हुई. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की.



पारंपरिक वेशभूषा में सजी 108 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव की परिक्रमा की. यात्रा के दौरान “जय जगन्नाथ” के जयघोष. शंखनाद. घंटियों की मधुर ध्वनि और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. गांव के विभिन्न मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया.
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं. आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल. प्रसाद. बैठने एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की है. आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल हो रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं. बल्कि सामाजिक समरसता. सांस्कृतिक विरासत और ग्राम एकता का भी प्रतीक बन गया है. पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है और हर ओर भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है.
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में ग्राम प्रधान अश्विनी प्रधान, मंदिर के पुजारी कालिया ज्योतिष, सारथी प्रधान, तारणी प्रधान, दिलीप प्रधान, लालू प्रधान, भागीरथी प्रधान, शांतनु प्रधान, मारकंडो प्रधान, बाबूलाल प्रधान, फाल्गुनी प्रधान, सानलाल प्रधान, दुखिया प्रधान, निमाई प्रधान, अशोक प्रधान, घासीराम प्रधान, नरसिंह प्रधान, प्रह्लाद प्रधान, सोसोधर प्रधान सहित समस्त ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका रही.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल





