बोकारो: जनरल अस्पताल (बीजीएच.) के ब्लड सेंटर में जांच के दौरान दुनिया के सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में शामिल ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप.’ की पहचान की गई है. चिकित्सकों के अनुसार. यह रक्त समूह विश्व स्तर पर लगभग 40 लाख लोगों में किसी एक व्यक्ति में पाया जाता है. जबकि भारत में इसकी उपलब्धता करीब 10 हजार लोगों में एक मानी जाती है.


बीजीएच. ब्लड सेंटर में विशेष जांच, क्रॉस मैचिंग और एंटीजन टेस्ट के बाद इस दुर्लभ रक्त समूह की पुष्टि की गई. चिकित्सकों ने बताया कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप. को ओ-एच. (Oh.) या एच-एच. (HH.) ब्लड ग्रुप. भी कहा जाता है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सामान्य ओ. ब्लड ग्रुप. की तरह दिखाई देने के बावजूद एच. एंटीजन. मौजूद नहीं होता.
विशेषज्ञों के अनुसार. इस रक्त समूह वाले मरीजों को केवल बॉम्बे ब्लड ग्रुप. का ही रक्त चढ़ाया जा सकता है. यदि उन्हें सामान्य ओ. पॉजिटिव. या ओ. नेगेटिव. रक्त चढ़ाया जाए. तो गंभीर और जानलेवा रक्ताधान प्रतिक्रिया हो सकती है.
बीजीएच. के प्रमुख डॉ. बी.बी. करुणामय. तथा लैब सर्विसेज एवं ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. अनिंदो मंडल. के मार्गदर्शन में चिकित्सा टीम ने संबंधित रक्तदाता का विवरण सुरक्षित रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है. ताकि भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संपर्क कर मरीज की जान बचाई जा सके.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा





