सरायकेला: कानून से बचने की हर कोशिश आखिरकार नाकाम साबित हुई. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से जुड़े एक पुराने मामले में पिछले सात वर्षों से फरार चल रहे अजमानतीय वारंटी को सरायकेला पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. जिले में फरार आरोपियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है.


प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सरायकेला के न्यायालय से निर्गत जी.आर. संख्या 238/19 तथा सरायकेला थाना कांड संख्या 22/19, दिनांक 14 मार्च 2019 से संबंधित मामले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9 एवं 10 के तहत वांछित अजमानतीय वारंटी प्रेमचंद कालिंदी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपी स्वर्गीय गुरुचरण कालिंदी उर्फ सुबूस कालिंदी का पुत्र है तथा ग्राम चमारू, थाना सरायकेला, जिला सरायकेला-खरसावां का निवासी है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध न्यायालय द्वारा अजमानतीय वारंट जारी किया गया था. इसके बावजूद वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता रहा. गुप्त सूचना एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर सरायकेला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.
इस संबंध में सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर न्यायालय से निर्गत वारंटों के निष्पादन तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. जिले में वारंटियों एवं फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.
थाना प्रभारी ने आम लोगों से कानून का सम्मान करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की. पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह



