आदित्यपुर: नगर निगम ने वार्ड संख्या 22 स्थित एक भूखंड पर आवासीय भूमि के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. निगम ने भवन निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.

नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के आलोक में प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वार्ड संख्या 22 के होल्डिंग संख्या 26/8 एवं प्लॉट संख्या 42 की आवासीय भूमि पर स्वीकृत नक्शे के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. शिकायत में भवन का उपयोग अस्पताल संचालन तथा पार्किंग व्यवस्था के लिए किए जाने की बात कही गई है.
नोटिस में विजय सिंह एवं विनोद सिंह को संबोधित करते हुए कहा गया है कि यदि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप किया गया है तो उससे संबंधित सभी अभिलेखों एवं साक्ष्यों के साथ 23 मई 2026 को दोपहर 12 बजे आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें.
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने अथवा संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है. ऐसी स्थिति में झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 तथा भवन उपविधि 2016 के प्रावधानों के तहत एकतरफा कार्रवाई करते हुए भवन को सील करने एवं अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण और भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्ती के रूप में देखा जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि शहरी क्षेत्र में नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. गौरतलब है कि उक्त भूखंड पर अत्याधुनिक गंगा राम दास (GRD) मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन किया जा रहा है. ऐसे में गंभीर सवाल यह है कि नगर निगम कार्यालय से चंद सौ मीटर की दूरी पर स्थापित यह अस्पताल आखिर कैसे खड़ा हो गया और इतने दिनों तक निगम प्रशासन कहां था ? अब जब अस्पताल अपना स्वरूप ले चुका है तब नोटिस किया जाना कहीं ना कहीं प्रशासनिक खानापूर्ति कहीं जा सकती है. लोग यह जानना चाह रहे हैं कि क्या इतने बड़े एस्टेब्लिशमेंट को ध्वस्त किया जा सकता है ? अब सभी की निगाहें नगर निगम के अगले कार्रवाई पर टिकी है.



