सरायकेला: जिले में आदिवासी एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) समुदाय तक सरकारी योजनाओं का शत- प्रतिशत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है. जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर जिले के विभिन्न गांवों में 18 मई से 25 मई तक “बेनेफिशियरी सैचुरेशन कैंप” आयोजित किए जाएंगे.

इन शिविरों के माध्यम से पात्र लाभुकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा. समेकित जनजाति विकास अभिकरण (आईटीडीए) सरायकेला- खरसावां द्वारा अभियान को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं.
अभियान के तहत गांव- गांव जाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और पात्र लाभुकों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण भी किया जाएगा. शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, सामाजिक सुरक्षा, बैंकिंग सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया जाएगा.
इसके अलावा आवेदन प्राप्ति, दस्तावेज सत्यापन और लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की पूरी प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूरी की जाएगी, ताकि लोगों को बार- बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े.
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र आदिवासी एवं पीवीटीजी परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि बेनेफिशियरी सैचुरेशन कैंप के माध्यम से प्रशासन गांव स्तर तक पहुंचकर लोगों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी पात्र लाभुक शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं. साथ ही दूरस्थ और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके.
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिविर स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने, ग्रामीणों को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है.
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से अधिकतम पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं से संतृप्त किया जा सके और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके.
Report- Pramod Singh



