जामताड़ा: जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत चल रही स्व-गणना प्रक्रिया अब तक अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सकी है. करीब 8 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में अब तक केवल 2927 लोगों ने ही ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी गणना दर्ज कराई है. जबकि स्व-गणना की अंतिम तिथि में अब सिर्फ 48 घंटे शेष बचे हैं. ऐसे में समय पर लक्ष्य पूरा करना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है.

सरकार की ओर से 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, जहां लोग स्वयं अपने मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं. लेकिन 13 दिनों में बेहद कम पंजीकरण यह संकेत दे रहा है कि जिले में अब भी लोगों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त जागरूकता नहीं है.
जिले में इस कार्य के लिए करीब 1517 प्रगणक, 269 प्रवेक्षक, ऑपरेटर और अन्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. सभी को लगातार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. बावजूद इसके उपलब्धि का आंकड़ा बेहद कम रहने से अभियान की गति पर सवाल उठने लगे हैं.
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में कुल 1 लाख 55 हजार 275 हाउस होल्ड हैं, लेकिन अब तक बेहद कम लोगों ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की है. प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है. जागरूकता रथ गांव और शहरों में घूम-घूमकर लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित कर रहा है. इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा की कमी और तकनीकी जानकारी का अभाव बड़ी बाधा बना हुआ है. कई लोग पोर्टल का उपयोग करने में असमर्थ हैं, जिसके कारण स्व-गणना की गति धीमी बनी हुई है.
15 मई के बाद स्व-गणना पोर्टल बंद कर दिया जाएगा इसके बाद दूसरे चरण में 16 मई से 14 जून तक जिलेभर में डोर-टू-डोर मकान गणना का कार्य शुरू होगा. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे. वहीं अगले वर्ष 8 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक व्यक्ति आधारित जनगणना कराई जाएगी. फिलहाल मकानों और परिवारों का आधारभूत डाटा तैयार किया जा रहा है.
कैसे करें स्व-गणना
स्व-गणना के लिए नागरिकों को
sc.census.gov.in पोर्टल पर जाना होगा. इसके बाद Census of India 2027 के विकल्प के नीचे राज्य, कोड, मोबाइल नंबर, घर के मुखिया का नाम सहित अन्य आवश्यक जानकारी भरकर सबमिट करना होगा. प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त स्व-गणना पहचान संख्या की तस्वीर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि प्रगणक के घर पहुंचने पर उसे दिखाया जा सके.
Report- Manish Baranwal



