सरायकेला: जिला कांग्रेस कमिटी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. जिला कांग्रेस के वरीय नेता जगदीश नारायण चौबे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बीच भाषा विवाद सहित अन्य मुद्दों पर हुए पत्राचार मामले को गंभीर बताते हुए कांग्रेस आलाकमान से हस्तक्षेप की मांग की है.

उन्होंने कहा कि 9 मई को सरायकेला सर्किट हाउस में आयोजित होने वाली जिला कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा. साथ ही जिला कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बैठक में शामिल होने की अपील भी की गई है.
जगदीश नारायण चौबे ने कहा कि जिला के प्रभारी मंत्री राधाकृष्ण किशोर के विचारों और संगठनात्मक अनुभव को उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा सरायकेला- खरसावां जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे पूर्व कांग्रेस प्रत्याशियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा को प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाए जाने के दौरान वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है. चौबे ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संगठन में समर्पित नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है.
गौरतलब है कि कांग्रेस के वरीय नेता और पूर्व विधायक प्रत्याशी कालीपद सोरेन को भी प्रदेश कार्यसमिति में स्थान नहीं मिलने को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखी जा रही है.
पार्टी के अंदर यह चर्चा तेज है कि लगातार उपेक्षा से स्थानीय कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी दिनों में यदि संगठन के भीतर बढ़ रही नाराजगी को दूर नहीं किया गया तो इसका असर जिला स्तर पर पार्टी की एकजुटता और राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ सकता है.

