जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार गहराते बिजली और पानी संकट को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर के बैनर तले गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया. भीषण गर्मी के बीच बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति से नाराज भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

प्रदर्शन में विधायक पूर्णिमा दास साहू, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व सांसद समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की भागीदारी खास आकर्षण का केंद्र रही. विधायक पूर्णिमा दास साहू के नेतृत्व में महिलाओं ने सिर पर मिट्टी की हांडी रखकर विरोध जताया. भाजपा नेताओं ने इसे जिले में गहराते जल संकट का प्रतीक बताया.
धरना- प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने “बिजली दो- पानी दो”, “जनता त्रस्त- सरकार मस्त” और “हेमंत सरकार जवाब दो” जैसे नारे लगाए. उपायुक्त कार्यालय परिसर काफी देर तक राजनीतिक नारों से गूंजता रहा.

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है. घंटों बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. गर्मी के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है. वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने से लोग बूंद- बूंद पानी के लिए परेशान हैं.
विधायक पूर्णिमा दास साहू ने कहा कि महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं. कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बार-बार बिजली कटने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे कारोबार ठप पड़ रहे हैं और आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान सरकार इस मोर्चे पर विफल साबित हुई है.
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग बिजली और पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं.
प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने, जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक पानी व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई.
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी. फिलहाल इस प्रदर्शन के बाद जिले में बिजली और पानी संकट का मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्माता नजर आ रहा है.
Report By Varun Kumar

