जामताड़ा: जीपीएस के भरोसे चलना एक कंटेनर चालक के लिए जानलेवा साबित होते- होते बचा. उत्तराखंड नंबर की एक ऊंची कंटेनर गाड़ी धनबाद जा रही थी, लेकिन जीपीएस के निर्देश पर मुख्य मार्ग छोड़कर प्रस्तावित एनएच-419 के संकरे ग्रामीण रास्ते पर पहुंच गई.

शहर के गायछंद मोड़ से आगे बढ़ते ही कंटेनर की ऊंची बॉडी सड़क के ऊपर से गुजर रहे 11000 वोल्ट बिजली तार से सट गई. तार से संपर्क होते ही पूरे वाहन में करंट दौड़ गया और चालक उसमें फंस गया. करंट लगने से चालक चीखता रहा, लेकिन आसपास तत्काल मदद के लिए कोई मौजूद नहीं था. किसी तरह चालक ने हिम्मत दिखाते हुए कंटेनर से छलांग लगाई, जिससे उसकी जान तो बच गई, लेकिन अंधेरे में सड़क किनारे लगे पोल से टकराने के कारण उसका सिर बुरी तरह फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
शॉर्ट सर्किट के कारण कुछ ही सेकेंड में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया. घायल चालक ने अपनी हालत के बावजूद वाहन को पीछे कर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया. इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
स्थानीय निवासी अरूप माजी ने बताया कि यह महज संयोग था कि चालक की जान बच गई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मार्ग पर बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं और विभाग को कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
वहीं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अभिषेक आनंद ने कहा कि हाल ही में मेंटनेंस कार्य किया गया था. यदि तार नीचे पाया जाता है तो उसे जल्द ऊंचा करने की कार्रवाई की जाएगी. यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भरता और बुनियादी ढांचे की लापरवाही मिलकर किस तरह जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है.
Report by Manish Baranwal

