जामताड़ा/ Manish Baranwal चित्तरंजन में सोमवार को Chittaranjan Locomotive Works (चिरेका) के कर्मियों का आक्रोश खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय के समक्ष धरना- प्रदर्शन किया.

यह प्रदर्शन श्रमिक संगठन CRMC के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य मुद्दा एक ही कर्मियों को बार-बार चुनाव ड्यूटी में तैनात किए जाने का रहा. प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वे 23 अप्रैल 2026 को West Bengal में आयोजित विधानसभा चुनाव के पहले चरण की ड्यूटी पूरी कर चुके थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्हें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के लिए भी फिर से ड्यूटी पर लगा दिया गया. लगातार ड्यूटी के कारण कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं.
कर्मचारियों ने इसे उनके अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि बिना सहमति इस तरह दोहरी जिम्मेदारी थोपना अनुचित है. उन्होंने प्रशासन से उचित यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता देने की मांग की, साथ ही ड्यूटी के बाद घर लौटने में देरी होने पर वेतन कटौती नहीं करने की भी मांग उठाई.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिरेका के मुख्य कार्मिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की. उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मियों की सभी जायज मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास जारी है. यूनियन के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को इस मुद्दे का स्थायी समाधान करना होगा.
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल उग्र जरूर हुआ, लेकिन अधिकारियों के आश्वासन के बाद कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट गए.
प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि पश्चिम बर्धमान के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर बस सेवा को आसनसोल के बजाय चिरेका गेट नंबर 3 से शुरू कराने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सुविधा मिल सके. यदि यह संभव नहीं होता है, तो स्टाफ बेनिफिट फंड से आने-जाने का खर्च और अल्पाहार भत्ता देने की व्यवस्था की जाएगी. अब कर्मचारियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे पर लिखित आदेश जारी कर स्थायी समाधान निकाला जाएगा.

