सरायकेला Pramod Singh नगर पंचायत में शहरी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

नगर पंचायत सभागार में आयोजित इस बैठक में उपाध्यक्ष अविनाश कवि, सीएम मनी मुकुट सोरेन, सीओ मनोज खाखा सहित कई पदाधिकारी, कर्मी और वार्ड पार्षद मौजूद रहे. बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों, फुटपाथ विक्रेताओं और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
नगर क्षेत्र में संचालित 96 महिला स्वयं सहायता समूहों में से 6 निष्क्रिय पाए गए, जिन्हें पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया गया. अब तक 70 समूहों को योजना का लाभ मिल चुका है, जबकि शेष 26 समूहों को लाभ दिलाने के लिए विभाग को पत्र भेजा जाएगा. महिला समूहों को बैंक से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया.
इसके साथ ही नगर के 10 उत्कृष्ट महिला समूहों के कार्यों का वीडियो तैयार कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा. सामुदायिक निवेश निधि के तहत ऋण के लिए इच्छुक लाभुकों से आवेदन भी लिए जाएंगे. लंबित ऋण मामलों पर सख्ती बरतने का फैसला लेते हुए बैंक से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन और एनपीए की वसूली तेज करने का निर्देश दिया गया.
फुटपाथ विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 27 अप्रैल को टाउन हॉल में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. 30 दिनों के भीतर सभी वेंडरों की सूची तैयार करने, वेंडिंग जोन निर्माण और ऋण लाभुकों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी दिया गया. नगर में कौशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की दिशा में पहल करते हुए विभाग को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया है. साथ ही वर्ष 2020 से 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों को रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है.
योजना का लाभ हर वार्ड तक पहुंचाने के लिए एक माह तक लगातार पार्षदों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी. बैठक के अंत में अगली समीक्षा बैठक 25 मई को निर्धारित की गई. कुल मिलाकर नगर पंचायत की यह पहल महिला समूहों, शहरी गरीबों और फुटपाथ विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है.

