जामताड़ा/ Manish Baranwal श्रमिकों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स लेबर यूनियन ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया. यूनियन ने नोएडा में हुई घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और श्रमिकों के हक में आवाज बुलंद की.

बताया गया कि नोएडा में श्रमिकों ने वेतन अनियमितता और शोषण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था. उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना और 8 घंटे की कार्यावधि लागू करना शामिल था. आरोप है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने सख्त और अमानवीय रवैया अपनाया.

प्रदर्शन के दौरान यूनियन के संगठन सचिव स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर विरोधी नीतियों को अन्य राज्यों में भी लागू करने की कोशिश की जा रही है, जिसका विरोध जरूरी है.
वहीं, उपाध्यक्ष अभिरूप चौधरी ने कहा कि यह समस्या केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में असंगठित क्षेत्र के मजदूर शोषण का सामना कर रहे हैं. उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर की गंभीर समस्या बताया.
महासचिव राजीव गुप्ता ने कहा कि उदारीकरण और निजीकरण की नीतियों के चलते श्रमिकों के अधिकारों का हनन बढ़ा है. उन्होंने श्रमिक हितैषी नीतियों को लागू करने की मांग उठाई.
यूनियन के अध्यक्ष आर.एस. चौहान ने 1 अप्रैल से लागू नए श्रम संहिता के खिलाफ व्यापक आंदोलन का आह्वान किया. साथ ही केंद्र सरकार से 8वें वेतन आयोग को जल्द लागू करने की मांग भी की. यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

