जमशेदपुर: देश की प्रतिष्ठित वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स में मंगलवार को उस समय अफरा- तफरी मच गई, जब स्थानीय युवाओं के नियोजन की मांग को लेकर बंटी सिंह गुट ने कंपनी के मुख्य गेट को जाम कर दिया.

गेट जाम होने के कारण “बी” शिफ्ट के कर्मी कंपनी के अंदर प्रवेश नहीं कर सके, वहीं “ए” शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी समाप्त होने के बाद बाहर नहीं निकल पाए. इससे कंपनी परिसर के बाहर और अंदर दोनों जगह अफरातफरी की स्थिति बन गई.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. हालांकि प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस भी सख्त कार्रवाई को लेकर दुविधा में नजर आई. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बंटी सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच मिलीभगत के कारण स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यहां तक कि कर्मचारी पुत्रों को भी बहाली प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है.
बंटी सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक स्थानीय युवाओं को कंपनी में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार नहीं दिया जाएगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन के कारण यातायात और औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित रहीं. अब देखना होगा कि प्रबंधन और प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं.

