गम्हरिया: सरायकेला- खरसावां जिले में जन वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. RTI कार्यकर्ता हरिदत्त तिवारी उर्फ भोला तिवारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पत्र लिखकर गम्हरिया प्रखंड के राशन दुकानदार भरत भूषण के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं.

पत्र में आरोप लगाया गया है कि अनुज्ञप्ति संख्या 09/08 के तहत संचालित दुकान का मूल व्यापार स्थल वार्ड संख्या-16 था, लेकिन इसे नियमों को ताक पर रखकर वार्ड संख्या-17 में स्थानांतरित कर दिया गया है. RTI कार्यकर्ता ने कहा है कि इस स्थानांतरण में झारखंड खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नियंत्रण आदेश का खुला उल्लंघन हुआ है. नियमों के अनुसार, किसी भी व्यापार स्थल परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन, 30 दिनों के भीतर जांच और विधिवत आदेश आवश्यक होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.
एमओ की भूमिका पर आरोप
मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुश्री पुनम कुमारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि 20.02.2026 और 26.02.2026 को भेजे गए दो अलग- अलग जांच प्रतिवेदन न केवल विरोधाभासी हैं, बल्कि उनमें वार्ड संख्या और वास्तविक स्थिति का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं किया गया है. RTI कार्यकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच प्रतिवेदन बिना तथ्यात्मक जांच के तैयार किए गए और ऐसा प्रतीत होता है कि किसी अन्य के विवेक से रिपोर्ट बनाकर जिला कार्यालय को भेज दी गई. उन्होंने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर गलत जांच प्रतिवेदन देने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है.
आवास बोर्ड के जमीन पर शिफ्टिंग को लेकर उठे सवाल
मामले में यह भी कहा गया है कि जिस जमीन (खाता संख्या-03, प्लॉट संख्या-1150) पर दुकान शिफ्ट की गई है, वह झारखंड राज्य आवास बोर्ड की है, जहां जन वितरण प्रणाली की दुकान संचालित करना नियम विरुद्ध है. साथ ही, दुकान के लिए दिया गया एकरारनामा भी संदिग्ध बताया गया है.
आपूर्ति शाखा के प्रधान सहायक की भूमिका संदिग्ध
आरोपों में जिला आपूर्ति शाखा के प्रधान सहायक बुधराम सिंह मुंडा का नाम भी सामने आया है. RTI कार्यकर्ता ने प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों पर मिलीभगत, गलत प्रतिवेदन तैयार करने और आर्थिक लाभ लेकर कार्य करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने यह भी मांग की है कि दुकान से संबंधित SIO रिकॉर्ड, हस्ताक्षर और आवेदन की विस्तृत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए.
पार्षद की आपत्ति
इस पूरे मामले को लेकर वार्ड संख्या-16 की पार्षद राजरानी महतो ने भी जिला आपूर्ति पदाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने पूछा है कि किन परिस्थितियों और किसके आदेश पर दुकान को वार्ड-17 में स्थानांतरित किया गया और इसकी निष्पक्ष जांच कर पुनः वार्ड-16 में शिफ्ट किया जाए. फिलहाल यह मामला जिला आपूर्ति विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और अब सभी की नजरें जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
क्या कहता है नियम
नियंत्रण आदेश के अनुसार, किसी भी उचित मूल्य दुकान के व्यापार स्थल परिवर्तन के लिए अनुज्ञप्तिधारी को ऑनलाइन आवेदन देना अनिवार्य है. आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर जांच कर सक्षम पदाधिकारी को अनुमति या अस्वीकृति का आदेश जारी करना होता है. साथ ही दुकान का आकार इतना होना चाहिए कि कम से कम दो महीने का खाद्यान्न भंडारण किया जा सके और उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो.
क्या कहते हैं डीएसओ
इस मामले को लेकर डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है एमओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है. दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की जांच कराई जा रही है.

