आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के दौरान अचानक चर्चा में आए युवा अमित रंजन उर्फ सानू सिंह का नाम अब आपराधिक घटनाओं से जुड़ने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. इससे उनके समर्थकों में मायूसी के साथ- साथ नाराजगी भी देखी जा रही है.


वार्ड 17 से पार्षद पद के प्रत्याशी रहे सानू सिंह युवाओं के बीच अच्छी पकड़ रखते थे और चुनाव के दौरान उन्होंने मजबूत उपस्थिति भी दर्ज कराई थी. बताया जाता है कि उनका जुड़ाव विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से भी रहा है. लेकिन चूना भट्टा स्थित संजय इलेक्ट्रॉनिक्स गोलीकांड में उनका नाम सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है. वार्ड 17 के कई मोहल्लों में अब यह चर्चा हो रही है कि अगर सानू सिंह चुनाव जीत गए होते तो क्षेत्र की जनता को बाद में पछताना पड़ सकता था.
चुनाव के दौरान सानू सिंह के समर्थन में युवाओं ने काफी मेहनत की थी. कांग्रेस के पुराने नेता राणा सिंह, राजकुमार सिंह, संतोष सिंह और सुनील सिंह ने भी पार्टी लाइन से अलग जाकर उनके पक्ष में प्रचार किया था. वहीं कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार भी चुनाव मैदान में थे, लेकिन इन नेताओं ने रिश्ते और समीकरण को प्राथमिकता देते हुए सानू सिंह का समर्थन किया था. हालांकि चुनाव में सानू सिंह को हार का सामना करना पड़ा. अब हालिया घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
इधर संजय इलेक्ट्रॉनिक्स गोलीकांड के बाद से ऋषि तिवारी, अमित रंजन उर्फ सानू सिंह, अमन सिंह और शाहिल सोनकर फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना के बाद चारों को पकड़ने के लिए ट्रैप किया गया था, लेकिन सभी जमशेदपुर के पोटका होते हुए पहले खड़गपुर पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए बंगाल भाग गए.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में एक हथियार बरामद होने का भी दावा किया जा रहा है और आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

