जामताड़ा/ Manish Baranwal उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में श्रम एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और कार्यों की प्रगति को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तथा प्रवासी श्रमिकों के निबंधन की स्थिति की जानकारी ली. साथ ही निबंधित लाभुकों को मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु/ दुर्घटना सहायता योजना और निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना के तहत लाभान्वित किए जाने की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने इन योजनाओं में तेजी लाने और अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ से जोड़ने का निर्देश दिया.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के वे निबंधित श्रमिक जो झारखंड से बाहर अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए. साथ ही विदेशों में कार्यरत जिले के प्रवासी श्रमिकों के संबंध में भी प्रतिवेदन देने का निर्देश श्रम अधीक्षक को दिया गया. बैठक के दौरान उपायुक्त ने बाल श्रम को लेकर चिंता जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि ईंट भट्ठों, चाय दुकानों, लाइन होटलों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित रूप से औचक छापेमारी की जाए. उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उपायुक्त ने नव पदस्थापित श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्देश दिया.
बैठक में उद्योग विभाग की योजनाओं जैसे पीएमईजीपी और पीएमएफएमई की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने पीएमएफएमई के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ग्राउंड स्तर पर काम कर योग्य लाभुकों को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए. इसके अलावा जिले में बांस से बने आर्ट क्राफ्ट उत्पादों को बढ़ावा देने, उनकी मार्केटिंग और रोजगार के नए अवसरों की संभावनाओं को तलाशने के लिए स्थल निरीक्षण कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया.
बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र जामताड़ा दास कुमार एक्का, श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा, ईओडीबी प्रबंधक प्रहलाद कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

