सरायकेला: नगर पंचायत चुनाव के दौरान कथित प्रमोशनल वीडियो को लेकर उठे विवाद पर झामुमो समर्थित अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनोज कुमार चौधरी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ मीडिया कर्मियों और विरोधी खेमे से जुड़े जनप्रतिनिधियों द्वारा बिना सत्यापन के भ्रामक जानकारी प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है.

प्रत्याशी के अनुसार, एक मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ प्रचार सामग्री निर्माण को लेकर विधिवत व्यावसायिक समझौता किया गया था. उनका कहना है कि चुनाव प्रचार के तहत वीडियो निर्माण कराना स्वतः अवैध नहीं है, जब तक कि यह राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन न करता हो. उन्होंने कहा कि संबंधित वीडियो के निर्माण की प्रक्रिया के दौरान किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा बनाई गई क्लिप को संदर्भ से हटाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया और इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया.

प्रत्याशी ने यह भी कहा कि समाचार प्रसारित करने से पूर्व न तो संबंधित मीडिया संस्थान का पक्ष लिया गया और न ही उनका आधिकारिक बयान प्रकाशित किया गया. इसे पत्रकारिता की स्थापित मानकों के विरुद्ध बताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की एकतरफा प्रस्तुति लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य निर्वाचन आयोग अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो वे सभी आवश्यक दस्तावेज एवं अनुबंध प्रस्तुत करने को तैयार हैं. साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि भ्रामक एवं अपुष्ट सामग्री प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के विकल्प पर विचार किया जा रहा है. प्रत्याशी ने कहा कि चुनावी माहौल में तथ्यहीन आरोप लगाकर दुष्प्रचार करना न केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मतदाताओं को भ्रमित करने का भी प्रयास होता है. उन्होंने संबंधित पक्षों को जिम्मेदार आचरण अपनाने और सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही सार्वजनिक टिप्पणी करने की नसीहत दी. मामले में आगे की कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान और तथ्यों की आधिकारिक जांच पर निर्भर करेगी.

