चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के अंजेड़बेड़ा में रविवार को अंजेड़बेड़ा ग्रामीण मुण्डा जोन तमसोय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में ग्राम सिंगीजारी, जोजोहातु, केच्चाबाईपी, तुम्बाहाका, सरजोमबुरु और पाटातारोब के ग्रामीण मुण्डा- डकुवा और स्थानीय लोग शामिल हुए.

ग्रामीणों ने बताया कि जोजोहातु सीमा से केच्चाबाईपी गांव तक बन रही सड़क पिछले तीन से चार वर्षों से खराब है और कई हिस्से अधूरे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सिंगीजारी के मुंडा लकेश्वर सुंडी ने कहा कि सड़क खराब होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं और एंबुलेंस आने से मना कर देती है. केच्चाबाईपी के मुंडा कमल बनसिंह ने कहा कि स्कूलों में मिलने वाला मध्याह्न भोजन भी समय पर नहीं पहुंच पाता, जिससे बच्चों को भूखे लौटना पड़ता है. सरजोमबुरु के मुंडा मांगता देवगन ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र होने के बावजूद डॉक्टर और नर्स नहीं आते क्योंकि सड़क की हालत खराब है. पाटातारोब के मुंडा आनंद बहन्दा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और बीमार मरीजों को ट्रैक्टर या निजी वाहनों से ले जाना पड़ता है और सरकारी गाड़ी आधे रास्ते तक ही आती है.
अधिवक्ता महेंद्र जामुदा ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान सड़क बनना है और सांसद-विधायक ध्यान दें तो सड़क जल्द तैयार हो सकती है. समाजसेवी रमेश बालमुचू ने चेतावनी दी कि अगर विधायक, मंत्री और उपायुक्त ने ध्यान नहीं दिया तो वे लोग अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे. हीरालाल हेम्ब्रोम ने मजदूरों को उचित मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत की.
बैठक में बोआएँ बिरुली ने कहा कि ग्रामीण पदयात्रा कर डीसी और सदर विधायक का घर घेराव करेंगे. आंदोलन में डेविड कलुंडिया, कन्दरा बुकुरु, सुनील पुर्ति, सिंगराय हंसदा, तुराम सुन्डी, रामकृष्णा, प्रदान कारवां, मंगल सिंह तांती, कृष्णा बनसिंह, मगता पुर्त्ती, रसय देवगम और अनंद खडाईत समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे.

