सरायकेला/ Pramod Singh नगर भवन सरायकेला में पंचायत उन्नति सूचकांक पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में प्रदर्शन- आधारित शासन को बढ़ावा देना और स्थानीय शासन को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप सशक्त बनाना था.

जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रगति मापने का परिवर्तनकारी उपकरण है.
यह सूचकांक गरीबी उन्मूलन, आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, जल उपलब्धता, स्वच्छता, हरित पहल, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण जैसे नौ प्रमुख विषयों पर पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है.
उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने इसे पंचायतों के लिए मार्गदर्शक उपकरण बताते हुए कहा कि इससे पंचायतें अपनी उपलब्धियों और चुनौतियों की पहचान कर रैंकिंग सुधार सकती हैं. राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों ने सूचकांक के मापदंडों और मूल्यांकन पद्धति की जानकारी दी. कार्यक्रम में पंचायत उन्नति सूचकांक पुस्तिका का विमोचन और हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत हुई. इस अवसर पर डीआरडीए निदेशक डॉ. अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार और अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

