आसनसोल: दुर्गापूजा की तैयारियों के बीच आसनसोल- दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं. गुरुवार को रवींद्र भवन में आयोजित समन्वय बैठक में पंडालों की अग्नि सुरक्षा से लेकर यातायात, पार्किंग, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा तक के इंतजामों पर चर्चा की गई.


इस बार पूजा के दौरान DJ पर रोक रहेगी. साथ ही दुर्गापूजा कार्निवल आयोजित नहीं किया जाएगा. ये दोनों फैसले राज्य सरकार की 2026 की दुर्गापूजा व्यवस्था के अनुरूप हैं. राज्य स्तर पर पूजा और विसर्जन के दौरान DJ पर प्रतिबंध तथा इस वर्ष कार्निवल आयोजित नहीं करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.
पंडाल में फायर सेफ्टी, बाहर ट्रैफिक पर नजर
प्रशासन ने पूजा समितियों को पंडालों में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा. खासकर बड़े और अधिक भीड़ वाले पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया.
पंडालों के आसपास डस्टबिन और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था रखने को भी कहा गया. वहीं पूजा के दौरान सड़कों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा. समितियों से कहा गया कि पंडाल के सामने वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के कारण जाम की स्थिति पैदा न हो.
महाअष्टमी पर शराब की बिक्री भी बंद
राज्य सरकार ने इस वर्ष दुर्गापूजा को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें महाअष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की दुकानों और बार को बंद रखने तथा पूजा एवं विसर्जन के दौरान DJ के इस्तेमाल पर रोक शामिल है. पूजा समितियों के लिए ऑनलाइन अनुमति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक SAHAJ Single Window Puja Permission Portal के मुताबिक आवेदन की प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 दोपहर 2 बजे से शुरू हुई है और 12 अक्टूबर रात 11 बजे तक चलेगी.
उत्सव के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी
बैठक का संदेश साफ रहा कि पूजा समितियों की भूमिका केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी. भीड़ प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर उन्हें पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा. बैठक में पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि, नगर निगम, दमकल विभाग तथा विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
कुल मिलाकर कहें तो इस बार आसनसोल में पूजा की रौनक तो बरकरार रहेगी, लेकिन आयोजन से लेकर विसर्जन तक नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी.

