चांडिल: झारखंड आंदोलन के इतिहास में 21 अक्टूबर 1982 के तिरुलडीह गोलीकांड में जान गंवाने वाले छात्र नेता अजीत महतो और धनंजय महतो को बुधवार को शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि दी गई. तिरुलडीह स्थित शहीद स्थल पर भाजपा कुकड़ू मंडल अध्यक्ष सुमन मुखर्जी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने दोनों शहीदों को नमन किया.


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1982 में क्षेत्र को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था. इसी दौरान हुई पुलिस गोलीबारी में अजीत महतो और धनंजय महतो की जान चली गई थी. उनके बलिदान को झारखंड आंदोलन के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाता है.
भाजपा जिला मंत्री पप्पू वर्मा ने कहा कि दोनों शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है. भाजपा नेता खगेन महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन को मजबूती देने वाले इन शहीदों को वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं.
मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो, जिला मीडिया प्रभारी मनोहर दास, पूर्व मंडल अध्यक्ष भरत चंद्र महतो, ठाकुर सिंह मुंडा, प्रवीर महतो, अभिराम महतो, अजय सिंह सरदार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे. उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों और झारखंड आंदोलन की भावना को जीवित रखने का संकल्प लिया.
रिपोर्ट: विकास ठाकुर

