गढ़वा: जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र स्थित मुखदेव प्लस टू उच्च विद्यालय में बुधवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब विद्यालय के एक शिक्षक पर दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा को बाइक से स्कूल के बाहर ले जाने का आरोप लगा. ग्रामीणों ने शिक्षक को रास्ते में रोककर पूछताछ की. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शिक्षक के साथ मारपीट की और उसे विद्यालय परिसर ले आए. घटना को लेकर करीब पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा. सूचना मिलने पर पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे.


जानकारी के अनुसार विद्यालय के शिक्षक राम करेश राम पर आरोप है कि वे बुधवार, 7 अक्टूबर को दसवीं कक्षा की एक छात्रा को बाइक से गढ़वा की ओर ले जा रहे थे. बताया जा रहा है कि छात्रा ने विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई थी और एक पीरियड की पढ़ाई करने के बाद पेट दर्द की शिकायत करते हुए वर्ग शिक्षिका सिमरन कुमारी को छुट्टी का आवेदन दिया था. छुट्टी मिलने के बाद छात्रा शिक्षक के साथ विद्यालय से बाहर चली गई.
स्कूल ड्रेस में छात्रा को बाइक पर देख ग्रामीणों को हुआ संदेह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ओखरगड़ा के समीप ग्रामीणों ने स्कूल ड्रेस पहनी छात्रा को शिक्षक की बाइक पर जाते देखा. संदेह होने पर ग्रामीणों ने बाइक रोककर दोनों से पूछताछ की. इसके बाद मौके पर विवाद शुरू हो गया. घटना का वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया.
सूचना मिलने पर छात्रा के परिजन भी मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए. वहीं कुछ ग्रामीण शिक्षक को विद्यालय परिसर ले आए, जहां उसके साथ मारपीट की गई. घटना में शिक्षक घायल हो गए.
परिजनों ने पूछा- नाबालिग छात्रा को छुट्टी देने से पहले सूचना क्यों नहीं दी गई
छात्रा के परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि नाबालिग छात्रा को विद्यालय से छुट्टी देने से पहले अभिभावकों को जानकारी दी जानी चाहिए थी. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की. आक्रोशित ग्रामीण शिक्षक की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े रहे. उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की समय-सीमा लिखित रूप में निर्धारित करने की मांग की.
पुलिस ने घायल शिक्षक को हिरासत में लिया, अस्पताल में कराया उपचार
मामले की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, प्रखंड विकास पदाधिकारी और मझिआंव थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया.
पुलिस ने घायल शिक्षक को हिरासत में लेकर अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया. हालांकि शिक्षक और छात्रा के विद्यालय से बाहर जाने की परिस्थितियों तथा उनके बीच हुई बातचीत को लेकर जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है.
शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, अन्य शिक्षकों की भूमिका की भी होगी जांच
जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने बताया कि संबंधित शिक्षक को स्पष्टीकरण जारी किया गया है. पूरे मामले की जांच की जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में विद्यालय के अन्य शिक्षकों अथवा प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि नाबालिग छात्रा को विद्यालय से छुट्टी देने की प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं और शिक्षक उसे किस परिस्थिति में बाइक से बाहर ले जा रहे थे. इन सवालों का जवाब विभागीय एवं पुलिस जांच से सामने आएगा. वहीं शिक्षक के साथ हुई मारपीट भी कानून- व्यवस्था से जुड़ा अलग गंभीर पहलू है. फिलहाल शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच जारी है. आरोपों की पुष्टि होने से पहले उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं होगा.

