जमशेदपुर: टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में दो दृष्टिबाधित युवकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने मदद करने के बजाय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और उनकी दिव्यांगता का मजाक उड़ाया. घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से संबंधित सुरक्षाकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.


पीड़ित संजीव कुमार, जो छोटा गोविंदपुर के रहने वाले हैं और दृष्टिबाधित हैं, शनिवार शाम करीब छह बजे अपने मित्र बीरू कुमार नाग के साथ अपनी बीमार मां से मिलने टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचे थे. उनकी मां अस्पताल की ओल्ड बिल्डिंग के वार्ड 7बी में भर्ती हैं.
संजीव ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने अपने छोटे भाई निरंजन कुमार, जो पहले से वार्ड में मौजूद था, को फोन किया और वार्ड तक पहुंचने का रास्ता पूछ रहे थे. इसी दौरान उन्होंने मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी से भी वार्ड 7बी का रास्ता बताने का अनुरोध किया.
पीड़ितों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी ने सहायता करने के बजाय अपमानजनक लहजे में कहा, “तुम तो अंधे हो, रास्ता बता भी दिया तो कैसे जाओगे ?” आरोप है कि सुरक्षाकर्मी ने बार- बार उनकी दिव्यांगता का उल्लेख करते हुए उनका मजाक उड़ाया.
संजीव के अनुसार, उस समय उनका भाई निरंजन फोन पर पूरी बातचीत सुन रहा था. सूचना मिलने पर वह तत्काल मुख्य गेट पहुंचा और सुरक्षाकर्मी से इस व्यवहार पर आपत्ति जताई. आरोप है कि इसके बाद भी सुरक्षाकर्मी ने अपना व्यवहार नहीं बदला और उससे भी अभद्रता की.
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सुरक्षाकर्मी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर दिव्यांगजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) प्रबंधन या संबंधित सुरक्षाकर्मी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था. उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.





