सरायकेला (Pramod Singh) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर क्षेत्र में विजयादशमी उत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया. इस अवसर पर भव्य पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए भाग लिया. कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के पदाधिकारियों द्वारा किया गया.

जमशेदपुर विभाग कार्यवाह मनोज कुमार गिरि ने कहा कि भारत एक अति प्राचीन राष्ट्र है, जिसके इतिहास में अनेक उतार- चढ़ाव आए हैं. हमने स्वर्णिम काल भी देखा और घोर निराशा के क्षण भी देखें. अंग्रेजों के राज के घोर अपमान के समय में राष्ट्रीय स्वाभिमान को जगाने के लिए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की. समाज के सभी प्रकार के भेदभाव को भुलाकर हम एक हिंदू समाज के रूप में संगठित होकर देश की सर्वांगीण उन्नति एवं विश्व कल्याण की दिशा में कार्य करने वाला भारत बने, ऐसा प्रयास 100 वर्षों तक चला. आज “पांच प्राण” पर समाज जागरण का कार्य चल रहा है.
मनोज चौधरी ने कहा कि संघ यानी अनुशासन, संघ यानी सेवा और समर्पण, संघ यानी हिन्दुत्व, हिन्दुत्व यानी राष्ट्रीयता, संघ यानी ज्ञान, संघ यानी सज्जनता, संघ यानी सकारात्मकता. उन्होंने कहा कि भविष्य के बीज हमारे ही अंदर होते हैं, उसी के प्रकटीकरण का माध्यम संघ का सानिध्य है.
मौके पर जिला संघचालक सत्यनारायण अग्रवाल, नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, विजय लाल गौर, गोविंद साह, ललित चौधरी, नारायण कुमार, दिलीप, पुलक सतपथी, अरुण सेकसरिया, अरुण चौधरी, अभय अग्रवाल, दीपक पति, रोशन प्रजापति, अशोक दास, रविन्द्र महतो, रमेश कारवां, अमरेन्द्र साहू समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ.
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