सरायकेला: पुलिस की पहचान सिर्फ अपराधियों को पकड़ने और कानून का पालन कराने तक सीमित नहीं है. कभी-कभी वर्दी के पीछे का मानवीय चेहरा ऐसा भरोसा पैदा करता है, जिसे कोई पीड़ित शायद जिंदगी भर नहीं भूलता. सरायकेला थाना पुलिस की ऐसी ही एक कार्रवाई सामने आई है.


30 सितंबर को ओडिशा के जोड़ा-बड़बिल से माइंस लोड कर अमलगम स्टील के लिए निकले एक ट्रेलर का चालक सीनी मोड़ स्थित फौजी ढाबा के पास ट्रेलर का डाला छोड़कर इंजन लेकर बिहार की ओर निकल गया. इसकी जानकारी मिलने पर ट्रेलर मालिक मनोज कुमार महतो परेशान हो गए.
अपनी गाड़ी की तलाश में मनोज करीब 200 किलोमीटर बाइक चलाकर सरायकेला थाना पहुंचे. उन्होंने थाना प्रभारी विनय कुमार को पूरी घटना बताई. थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एसपी मनोज स्वर्गियारी को जानकारी दी.
एसपी का निर्देश मिला और पटना के लिए निकल पड़ी पुलिस
एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर सब इंस्पेक्टर सुभाष शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई. टीम ट्रेलर की तलाश में पटना रवाना हुई. अपनी गाड़ी मिलने की उम्मीद में मालिक मनोज कुमार महतो भी पुलिस टीम के साथ पटना गए. जांच में चालक का ठिकाना पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र में मिला. सरायकेला पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसके घर पर छापेमारी की. पुलिस को देखते ही चालक भाग निकला. उसने गांव के तालाब में छलांग लगा दी और बाद में धान के खेतों में जाकर छिप गया.
पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. इसी बीच ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया. सरायकेला पुलिस ने ग्रामीणों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. वास्तविक स्थिति समझने के बाद ग्रामीण भी पुलिस के सहयोग में उतर आए. आखिरकार चालक को खोजकर पुलिस के हवाले किया गया.
video जहां से ट्रेलर बरामद हुआ
नशे में ट्रेलर लेकर घर पहुंच गया था चालक
पूछताछ में चालक ने बताया कि वह नशे की हालत में था और ट्रेलर चोरी करने की उसकी मंशा नहीं थी. उसने ट्रेलर का डाला सीनी मोड़ के पास छोड़ दिया था और इंजन लेकर अपने घर चला आया था. पुलिस ने ट्रेलर बरामद कर मालिक मनोज कुमार महतो के सुपुर्द कर दिया. लेकिन गाड़ी मिलने के बाद मालिक के सामने दूसरी परेशानी खड़ी हो गई.
गाड़ी मिल गई, लेकिन डीजल भराने तक के पैसे नहीं थे
पटना तक पहुंच चुके मनोज के पास ट्रेलर लेकर वापस लौटने के लिए तेल भराने तक के पैसे नहीं बचे थे. यह जानकारी थाना प्रभारी विनय कुमार को मिली तो उन्होंने अपनी ओर से 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद कर दी. इसके बाद ट्रेलर में तेल भराया गया और मालिक अपनी गाड़ी लेकर वापस लौट सके.
मालिक बोला- “हमें नहीं मालूम था पुलिस ऐसी भी होती है.”
पूरे घटनाक्रम से भावुक मनोज कुमार महतो ने एसपी मनोज स्वर्गियारी, थाना प्रभारी विनय कुमार और पुलिस टीम के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा, “हमें नहीं मालूम था कि पुलिस ऐसी भी होती है. हम अपनी गाड़ी के लिए परेशान थे और मिलने की उम्मीद भी छोड़ चुके थे. थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई की. एसपी को जानकारी दी गई और पुलिस टीम हमें साथ लेकर पटना गई. गाड़ी मिल गई तो लौटने के लिए तेल भराने तक के पैसे नहीं थे. थाना प्रभारी ने अपनी ओर से 10 हजार रुपये दिए. मैं पूरी पुलिस टीम का दिल से धन्यवाद करता हूं.” बताया गया कि मनोज कुमार महतो ने 30 सितंबर को सरायकेला थाना में सनहा दर्ज कराया था. ट्रेलर बरामद होने के बाद उन्होंने चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया. थाना प्रभारी विनय कुमार के अनुसार ट्रेलर सुरक्षित मालिक को सौंप दिया गया. मालिक द्वारा कार्रवाई नहीं चाहने के कारण चालक को छोड़ दिया गया.
बाईट
ट्रेलर मालिक मनोज कुमार महतो
यह सिर्फ ट्रेलर की बरामदगी नहीं, पुलिस पर भरोसे की कहानी
इस पूरे घटनाक्रम में सरायकेला पुलिस की तत्परता के साथ उसका मानवीय पक्ष भी सामने आया. शिकायत लेकर आए व्यक्ति को थाने से केवल आश्वासन देकर नहीं लौटाया गया. एसपी के निर्देश पर टीम दूसरे राज्य तक गई. मालिक को साथ रखा. चालक को खोजा. ट्रेलर बरामद कराया और जब मालिक आर्थिक परेशानी में फंसा तो थाना प्रभारी ने व्यक्तिगत स्तर पर मदद भी की. वर्दी कानून और अनुशासन की पहचान है. लेकिन उसी वर्दी के पीछे संवेदनशीलता और इंसानियत दिखाई दे तो आम आदमी का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होता है. सरायकेला पुलिस की यह कार्रवाई उसी भरोसे की एक सकारात्मक तस्वीर बनकर सामने आई है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

