सरायकेला. विपिन वार्ष्णेय की रिपोर्ट. कभी सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रही पारंपरिक ओड़िया ड्रामा यात्रा अब एक बार फिर अपने पुराने रंग-रूप में लौटने जा रही है. उत्कल युवा एकता मंच के तत्वावधान में 19 से 21 नवंबर तक तीन दिवसीय पारंपरिक ओड़िया ड्रामा यात्रा का आयोजन किया जाएगा. आयोजन को लेकर सोमवार को मंच की बैठक हुई, जिसमें कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई.


आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 18 नवंबर को उद्घाटन एवं सम्मान समारोह के साथ होगी. इसके बाद लगातार तीन दिनों तक सरायकेला में ओड़िया नाट्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी. आयोजन में देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार पहुंचकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे.
मंच की ओर से तैयार कार्यक्रम के अनुसार, 19 नवंबर को प्रसिद्ध अन्नपूर्णा गण नाट्य की प्रस्तुति होगी. 20 नवंबर को गणपति ओपेरा की प्रस्तुति की जाएगी. वहीं 21 नवंबर को उत्कल युवा एकता मंच की ओर से विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा. नाटकों के नाम की घोषणा बाद में की जाएगी.
150 से अधिक कलाकारों के शामिल होने की संभावना.
तीन दिवसीय आयोजन में 150 से अधिक कलाकारों के शामिल होने की संभावना है. पारंपरिक वेशभूषा, अभिनय, संवाद, संगीत और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से ओड़िया कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शकों के सामने जीवंत किया जाएगा.
उत्कल युवा एकता मंच के सचिव रूपेश साहू ने बताया कि एक समय सरायकेला में ओड़िया ड्रामा यात्रा का खासा क्रेज हुआ करता था. 1980 के दशक तक ओड़िया ड्रामा यहां की प्रमुख सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल था. आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग नाटक देखने सरायकेला पहुंचते थे. कलाकारों की दमदार अदाकारी और शानदार मंचीय प्रस्तुतियां दर्शकों को देर रात तक बांधे रखती थीं.
संरक्षण के अभाव में कमजोर हुई परंपरा.
रूपेश साहू ने बताया कि समय के साथ संरक्षण के अभाव और बदलती सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण ओड़िया ड्रामा की यह समृद्ध परंपरा धीरे-धीरे कमजोर होती गई. स्थिति यह हो गई कि पारंपरिक ओड़िया ड्रामा यात्रा लगभग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई.
इसी सांस्कृतिक विरासत को दोबारा जीवंत करने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में उत्कल युवा एकता मंच का गठन किया गया. मंच का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि सरायकेला की पुरानी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और पारंपरिक कला को संरक्षण देना भी है.
पुराने और दिवंगत कलाकारों को मिलेगा सम्मान.
आयोजन के दौरान उन कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा ओड़िया नाट्य और सांस्कृतिक क्षेत्र को समर्पित किया है. इसके अलावा दिवंगत कलाकारों के परिजनों को भी सम्मानित कर उनके योगदान को याद किया जाएगा.
आयोजकों का कहना है कि किसी भी कला परंपरा को जीवित रखने में कलाकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसलिए आयोजन के माध्यम से पुराने कलाकारों के योगदान को सम्मान देने के साथ वर्तमान पीढ़ी के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा.
हजारों दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद.
तीन दिवसीय आयोजन को लेकर उत्कल युवा एकता मंच के सदस्यों में खासा उत्साह है. आयोजकों को उम्मीद है कि ओड़िया ड्रामा और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक सरायकेला पहुंचेंगे.
आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. मंच का प्रयास है कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि सरायकेला में दशकों पुरानी ओड़िया ड्रामा यात्रा की परंपरा को नई पहचान देने वाला यादगार आयोजन बने.
पुरानी पीढ़ी की यादें, कलाकारों की कला और नई पीढ़ी का उत्साह नवंबर में सरायकेला के मंच पर एक साथ देखने को मिलेगा.

