सरायकेला: जिले में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर मुख्य सड़कों और सड़क किनारे भारी एवं छोटे वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के कार्यालय से आदेश जारी कर सभी संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों को अपने वाहनों के लिए परिसर के अंदर अथवा निर्धारित स्थान पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. ऐसे में अब कंपनियों को वाहनों की पार्किंग और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी उठानी होगी.
इन स्थानों पर पार्किंग की समस्या की गई चिन्हित
आदेश में जिले के कई प्रमुख मार्गों और औद्योगिक क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. इनमें सरायकेला- कांड्रा मार्ग पर रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड (RKFL) के समीप और कांड्रा टोल बूथ के पास, कांड्रा-आदित्यपुर मार्ग पर संपूर्ण जियाडा क्षेत्र तथा कांड्रा-चौका मार्ग पर अमलगम कंपनी और चौका चौक के आसपास का क्षेत्र शामिल है.
इसके अलावा NH-33 पर पाटा टोल एवं आसनबनी के पास, NH-18 के चांडिल- पुरुलिया मार्ग पर भालुकोचा सहित अन्य स्थानों और NH-220 पर कुजू से छोटानागपुर कॉलेज, हेंसल तक कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहनों की कतार लगने की स्थिति का उल्लेख किया गया है.
कंपनियों को परिसर में करनी होगी पार्किंग की व्यवस्था
प्रशासन ने छह प्रमुख निर्देश जारी किए हैं. कंपनियों को अपने प्रतिष्ठान से संबंधित भारी और छोटे वाहनों के लिए परिसर के अंदर अथवा निर्धारित पार्किंग स्थल पर पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी. किसी भी परिस्थिति में मुख्य सड़क या सार्वजनिक आवागमन वाले स्थान पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की अनुमति नहीं होगी.
प्रतिष्ठान में प्रवेश का इंतजार करने वाले वाहनों को भी मुख्य सड़क पर कतार लगाकर खड़ा नहीं किया जा सकेगा. इसके लिए कंपनी प्रबंधन को वैकल्पिक पार्किंग अथवा होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करनी होगी.
सुरक्षा और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती का निर्देश
कंपनियों को वाहनों के व्यवस्थित प्रवेश और निकास के लिए आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा कर्मी अथवा यातायात प्रबंधन कर्मियों की तैनाती करने का भी निर्देश दिया गया है. साथ ही कंपनी प्रबंधन को अपने ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर मुख्य रूप से संबंधित कंपनी को जिम्मेदार माना जाएगा.
दुर्घटना हुई तो तय होगी प्रबंधन की जवाबदेही
आदेश में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि यदि किसी प्रतिष्ठान के बाहर बार-बार अनधिकृत पार्किंग पाई जाती है अथवा उसके कारण यातायात बाधित होता है या सड़क दुर्घटना होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान और प्रबंधन की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रबंधकों एवं संचालकों को आदेश का तत्काल प्रभाव से दृढ़तापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है. जिला प्रशासन ने यह आदेश सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और आम नागरिकों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को ध्यान में रखते हुए जारी किया है.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

