राजनगर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित चिकित्सीय लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के बाद पीड़ित परिवार को भारतीय जनता पार्टी का खुला समर्थन मिलने से इलाके में आक्रोश और बढ़ गया है.

सोमवार को भाजपा जिला अध्यक्ष हरकृष्णा प्रधान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, ग्रामीण और पीड़ित परिवार के सदस्य CHC परिसर के बाहर जुटे और धरना- प्रदर्शन किया. इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, पूर्व सांसद गीता कोड़ा और पूर्व विधायक अनंत राम टुडू भी मौजूद रहे.
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण ही प्रसूता और नवजात की मौत हुई. उनका कहना था कि समय पर उचित इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलतीं तो यह हादसा टल सकता था.

धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी गई. उन्होंने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.
इस दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जांच के लिए पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को दोहराया.
उधर पीड़ित परिवार का रो- रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने कहा कि उन्हें सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.

