सरायकेला: जिले के आदित्यपुर स्थित 650 बेड के नेताजी सुभाष सुपर मल्टीस्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को पहले बैच के एमबीबीएस छात्रों का प्रबंधन द्वारा भव्य स्वागत किया गया. इस अवसर पर संस्थान में औपचारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष ग्रुप के चेयरमैन सह चांसलर मदन मोहन सिंह उपस्थित रहे. जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्थान की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती विभा सिंह, डायरेक्टर डॉ. एम.के. सिन्हा, प्रिंसिपल डॉ. एन.के. सिंह और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह शामिल हुए.

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने परंपरा से हटकर संस्थान के फाउंडर सदस्यों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और नए विद्यार्थियों से उनका परिचय कराया.
अपने संबोधन में प्रिंसिपल डॉ. एन.के. सिंह ने छात्रों को संस्थान की स्थापना, उद्देश्य और विजन से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में यह संस्थान झारखंड और बिहार में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की दिशा में अग्रसर है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पहले बैच के रूप में आप सभी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी.

रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह ने कहा कि चेयरमैन मदन मोहन सिंह की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज झारखंड में यह मेडिकल कॉलेज अस्पताल अपनी पहचान बना रहा है. उन्होंने बताया कि संस्थान का एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल पटना के बिहटा में पहले से संचालित है. कोविड काल के अनुभव ने चेयरमैन को झारखंड में यह संस्थान स्थापित करने की प्रेरणा दी.
मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती विभा सिंह ने छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने के लिए समर्पण और अनुशासन के साथ पढ़ाई करें. उन्होंने कहा कि इस कॉलेज का उद्देश्य केवल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि संवेदनशील चिकित्सक बनाना है.

अंत में चेयरमैन सह चांसलर मदन मोहन सिंह ने छात्रों से अनुशासित रहकर अध्ययन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगले साढ़े छह साल आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष हैं, जिनका पूरा लाभ उठाएँ. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले सत्र से पीजी कोर्स की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी.
गौरतलब है कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज अस्पताल आदित्यपुर की स्थापना एक वर्ष पूर्व हुई थी और इस वर्ष से एमबीबीएस की 100 सीटों पर शिक्षण सत्र की शुरुआत हो रही है. चेयरमैन ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि कॉलेज छात्रों के लिए घर जैसा माहौल प्रदान करेगा.

