सरायकेला: कुचाई प्रखंड मुख्यालय में बाल विकास परियोजना केंद्र की ओर से सोमवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के साथ लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करना था.


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरियां एवं ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं. बाल विकास परियोजना केंद्र कुचाई के लिपिक मार्टिन मुर्मू ने संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा बच्चों के समुचित विकास के लिए पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी दी.
छह माह तक केवल मां का दूध जरूरी
कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाना और स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. गर्भावस्था के दौरान उचित खानपान और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है.
महिलाओं को बताया गया कि जन्म के बाद शिशु को छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए. छह माह के बाद स्तनपान के साथ उम्र के अनुरूप पूरक आहार देना जरूरी है.
किशोरियों को एनीमिया से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को एनीमिया से बचाव, आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया. महिलाओं को हरी सब्जियां, दाल, दूध, अंडा, फल एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल करने की सलाह दी गई.
बताया गया कि संतुलित और पौष्टिक आहार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक होता है.
पोषण प्रदर्शनी लगाकर दिया संदेश
इस अवसर पर पोषण संबंधी प्रदर्शनी भी लगाई गई. इसमें विभिन्न खाद्य पदार्थों और उनमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी गई. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोषण आधारित गीत, स्लोगन एवं जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पोषण शपथ भी दिलाई गई. सभी ने कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया.
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान पूरे प्रखंड में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. घर-घर संपर्क, स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पोषण के महत्व की जानकारी दी जाएगी.
मौके पर मार्टिन मुर्मू, सरस्वती माझी, बेलमती जोंको, सोमा माई मेलगांडी, आशा लोवाद, सरस्वती सोय, रीना सोय, नीला उरांव, निरंतनी प्रधान, मंगला मुंडा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

