सरायकेला: सरायकेला के राजबांध स्थित महिंद्रा ट्रैक्टर शोरूम में चोरों ने सेंधमारी कर 86 हजार रुपये नकद चुरा लिए. मंगलवार की रात हुई इस वारदात में चोर शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए. बुधवार सुबह चोरी का पता चलने के बाद शोरूम प्रबंधन ने सरायकेला थाना को इसकी सूचना दी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.


जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने शोरूम की दीवार में एसी लगाने के लिए बनाए गए कटआउट का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया. इसके बाद चोरों ने कैश काउंटर को निशाना बनाया और वहां रखे 86 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए. वारदात के दौरान चोरों ने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी निकाल लिया, ताकि उनकी पहचान से जुड़े फुटेज पुलिस के हाथ न लग सकें.
बुधवार सुबह जब शोरूम के कर्मचारी प्रतिष्ठान खोलकर अंदर पहुंचे, तो कैश काउंटर का ताला टूटा हुआ मिला. अंदर सामान बिखरा पड़ा था और नकदी गायब थी. जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी गायब मिला. इसके बाद शोरूम प्रबंधन ने तत्काल सरायकेला थाना को घटना की जानकारी दी.
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच की. पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं. शोरूम प्रबंधन की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि चोरी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी का डीवीआर ले जाने के बावजूद अपराधी जांच से बच नहीं पाएंगे. पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों और घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. इन फुटेज के माध्यम से संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
घटना के बाद पुलिस क्षेत्र में रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में जुटी है. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को घटना से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल सरायकेला थाना को सूचित करें. पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की वारदात में कौन-कौन शामिल था और आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है.
प्रमोद सिंह, संपादक.

