लोहरदगा: ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर 12 पड़हा भांटखिजरी में दशहरा दसई जतरा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का बुधवार को भव्य समापन हुआ. मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव का पड़हा राजा, आयोजन समिति और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े एवं मांदर की थाप के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया.


खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सुखदेव उरांव ने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, एकता और भाईचारे की भावना विकसित करता है. दसई जतरा हमारी आदिवासी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे खेल आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है. उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल और शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की.
उन्होंने क्षेत्र में खेल मैदानों के समतलीकरण, खेल सामग्री की व्यवस्था और जतरा स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया.
फाइनल मुकाबले को देखने के लिए भांटखिजरी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में खेलप्रेमी पहुंचे. समापन पर विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. आयोजन को सफल बनाने में 12 पड़हा आयोजन समिति, पड़हा राजा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

