सरायकेला: दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से खरसावां पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. खरसावां थाना क्षेत्र के बरजूडीह गांव के समीप जंगल में छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित चार शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया. इस दौरान शराब बनाने के लिए तैयार करीब 2,000 किलोग्राम जावा महुआ को भी नष्ट कर दिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है.


जंगल में चल रहा था अवैध शराब बनाने का कारोबार
दुर्गा पूजा को देखते हुए पुलिस क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है. इसी क्रम में बरजूडीह गांव के समीप जंगली इलाके में छापेमारी की गई. पुलिस ने मौके पर संचालित चार अवैध शराब भट्ठियों को नष्ट कर दिया. साथ ही, शराब बनाने के लिए तैयार किए जा रहे भारी मात्रा में जावा महुआ को भी नष्ट किया गया, ताकि उससे अवैध शराब का निर्माण नहीं हो सके.
अवैध शराब कारोबारियों को थाना प्रभारी की चेतावनी
खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. त्योहार की आड़ में अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. ऐसे कारोबारियों को इस गैरकानूनी धंधे से दूर रहने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
आम लोगों से सहयोग की अपील
थाना प्रभारी ने आम लोगों से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
त्योहार के दौरान जारी रहेगा अभियान
खरसावां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. पुलिस की इस कार्रवाई को त्योहार के दौरान अवैध शराब की आपूर्ति रोकने तथा शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह (संपादक)

