संपादक की कलम से: 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश रंजन को राज्य पुलिस मुख्यालय ने नई जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें रांची का SSP नियुक्त किया गया है. इससे पूर्व वे चाईबासा और चतरा एसपी के रूप में सेवा दे चुके हैं.

राकेश रंजन ने अपनी कार्यकुशलता से यह साबित किया है कि यदि उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए तो वे हर कसौटी पर खरा उतर सकते हैं. विशेषकर चतरा और चाईबासा दोनों ही नक्सल प्रभावित जिले हैं, जहां उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका निभाई.
बतौर चाईबासा एसपी अपने छोटे से कार्यकाल में ही उन्होंने नक्सलियों की कमर तोड़ दी थी. उनकी यह कार्यवाई नक्सली खेमे में खलबली मचा गई. यदि उनका कार्यकाल कुछ और लंबा होता, तो संभवतः पश्चिमी सिंहभूम जिले से नक्सलवाद का खत्मा भी किया जा सकता था.
राकेश रंजन का प्रोवेजन पीरियड सरायकेला में एसडीपीओ के रूप में भी यादगार रहा. उनके कार्यकुशलता और निर्णय क्षमता ने सभी को प्रभावित किया था. मुझे स्मरण है ज़ब उन्होंने सरायकेला से विदाई समारोह के दौरान कहा था कि “जिला में काफी कुछ करने की योजना है और उम्मीद है कि इस जिले में अपनी सेवा देने लौटकर आऊंगा.”
हालांकि, अब वे सीनियर आईपीएस कैटेगरी में प्रमोट हो चुके हैं, इसलिए उनका रांची SSP पद उन्हें नई चुनौती और जिम्मेदारी देता है. भविष्य में वे डीआईजी के रूप में दुबारा कोल्हान में वापसी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए लंबा इंतजार करना होगा.
हमारी शुभकामनाएं श्री रंजन के साथ हैं. उम्मीद है कि वे हर चुनौती और सरकार की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित राज्य की पुलिस व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

