तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर गुरुवार को शहर में फैला दिया था कचरा, दुर्गापूजा में श्रद्धालुओं को गंदगी से बचाने के लिए संभाली सफाई की कमान


जामताड़ा: तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण आक्रोशित जामताड़ा नगर पंचायत के सफाईकर्मी शुक्रवार देर शाम एक बार फिर हाथों में झाड़ू लेकर शहर की सफाई में जुट गए. गुरुवार को वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज सफाईकर्मियों ने शहर में जगह-जगह कचरा फैलाकर नगर पंचायत प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताया था. इससे शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे थे.वहीं, दुर्गापूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के बीच शहर में गंदगी फैलने से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी होने की आशंका बढ़ गई थी.
सफाईकर्मियों का कहना था कि लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है. दुर्गापूजा के अवसर पर घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा था। इसी परेशानी और नाराजगी के कारण उन्होंने विरोध का रास्ता अपनाया था। हालांकि, शुक्रवार को ट्रेजरी से सफाईकर्मियों के वेतन की राशि जारी होने और नगर पंचायत प्रशासन की ओर से भुगतान किए जाने के बाद उन्होंने फिर से सफाई कार्य शुरू कर दिया.
वेतन भुगतान के बाद भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे कर्मी
जानकारी के अनुसार, दुर्गापूजा और सफाईकर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ट्रेजरी के माध्यम से एक महीने के वेतन की राशि जारी की गई. इसके बाद नगर पंचायत प्रशासन ने सफाईकर्मियों को भुगतान किया. वहीं, नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत ने बताया कि सफाईकर्मियों के दो महीने के वेतन का भुगतान किया गया है. हालांकि, देर शाम शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई कर रहे कर्मियों के चेहरे पर पूरी संतुष्टि नजर नहीं आ रही थी. लंबे समय से वेतन लंबित रहने के कारण उनकी नाराजगी पूरी तरह दूर नहीं हुई थी. इसके बावजूद उन्होंने पर्व की महत्ता को देखते हुए सफाई की जिम्मेदारी संभाली और शहर को स्वच्छ बनाने में जुट गए.
पर्व की पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया झाड़ू
दुर्गापूजा के दौरान जामताड़ा शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी से लोगों को परेशानी हो सकती थी. पूजा के दौरान स्वच्छता और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहे, इसी उद्देश्य से सफाईकर्मी देर शाम तक शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई करते देखे गए.
सफाईकर्मियों ने जगह-जगह फैले कचरे को हटाने और सड़कों को साफ करने का काम शुरू किया। इस दौरान सफाई जमादार सौरभ झा भी मौजूद थे. सफाईकर्मियों की इस पहल से दुर्गापूजा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद जगी है.
वेतन भुगतान के साथ नियमित व्यवस्था की भी जरूरत
सफाईकर्मियों के विरोध और उसके बाद दोबारा काम पर लौटने की घटना ने नगर पंचायत में वेतन भुगतान की व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं. शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मियों को यदि समय पर वेतन नहीं मिलता है, तो इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। गुरुवार को शहर में फैली गंदगी इसका उदाहरण बनी. फिलहाल, दुर्गापूजा को देखते हुए सफाईकर्मियों ने काम संभाल लिया है. लेकिन उनकी आर्थिक परेशानियों का स्थायी समाधान और वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और शहरवासियों को गंदगी के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

