जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से डीएन एकेडमी में साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट और पीड़ित सहायता योजना-2026 को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा पीड़ितों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई.कार्यक्रम में साइबर डीएसपी अमित रविदास ने कहा कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं. गिरफ्तारी का भय दिखाकर उन्हें मानसिक दबाव में लेते हैं और पैसे की मांग करते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वाले ऐसे फोन से घबराने की जरूरत नहीं है. किसी भी संदिग्ध कॉल की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें और भय या दबाव में आकर किसी के खाते में पैसे न भेजें. उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर देते हुए अनजान नंबरों से WhatsApp या SMS के जरिए भेजी गई APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी. ऐसी फाइलों के माध्यम से साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद निजी जानकारियों और बैंकिंग विवरण तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट में मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने और लॉग-इन किए गए उपकरणों की नियमित जांच करने की भी अपील की.


परिचित बनकर पैसे मांगें तो पहले करें पुष्टि
साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और परिचितों के नाम पर पैसे मांगने वाली घटनाओं के प्रति सतर्क किया. उन्होंने कहा कि किसी परिचित के नाम से पैसे की मांग आने पर संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर इसकी पुष्टि करें. किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें. साइबर इंस्पेक्टर सुशील टुडू ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित प्राधिकार को देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने पर समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण है.
ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल
कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं. निःशुल्क विधिक सहायता के लिए NALSA की हेल्पलाइन संख्या 15100 की भी जानकारी दी गई.
एलएडीसीएस (लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम) के डिप्टी चीफ उत्तम कुमार ने साइबर अपराध से प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक रहने की अपील की.
मौके पर डीएन एकेडमी के प्राचार्य प्रदीप कुमार भैया, शिक्षक जितेन पॉल, वसुंधरा सिंह, निक्की कुमारी, चांदनी सेन एवं सुखदेव सिंह उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी आनंद महतो, मेघा गुप्ता, मौसमी मुर्मू, जगत मोहन, आर्यन अंसारी, सुमन टुडू एवं शिवनाथ मंडल ने सहयोग किया. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देर किए शिकायत दर्ज कराने का संदेश दिया गया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

