जामताड़ा:


जिले में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दो हाई स्कूलों को प्लस टू स्तर पर उत्क्रमित करने और दोनों विद्यालयों में पांच-पांच अतिरिक्त डिजिटल क्लासरूम की व्यवस्था करने की पहल की है. इसके तहत सबनपुर हाई स्कूल और गोकुला हाई स्कूल में कुल 10 अतिरिक्त डिजिटल क्लासरूम उपलब्ध कराने की योजना है. मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बड़े शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए.
शिक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकता जाहिर करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “केवल भाजपा के बच्चे ऑक्सफोर्ड में नहीं, हमारे गरीब बच्चे भी ऑक्सफोर्ड में पढ़ेंगे.” उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी बच्चे के सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए. ग्रामीण और साधारण परिवारों के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए.
सरकारी स्कूलों को हाईटेक बनाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी आईएएस और आईपीएस बनते हैं. इसलिए सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. सबनपुर और गोकुला हाई स्कूलों को प्लस टू स्तर पर उत्क्रमित करने के साथ डिजिटल क्लासरूम की व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही आगे की पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे. इससे उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की परेशानी भी कम होगी.
डॉ. अंसारी ने कहा कि वह शुरू से ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं. इसी उद्देश्य से नारायणपुर में डिग्री कॉलेज, बगरुडीह में महिला डिग्री कॉलेज और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की पहल की गई. उनका कहना है कि क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार होने से स्थानीय विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
बच्चों के हाथों में कलम हो, तलवार नहीं
मंत्री ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा, “पढ़ाई से बड़ी कोई ताकत नहीं। बच्चे कलम उठाओ, गमछा और तलवार नहीं।” उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा, ज्ञान और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाना जरूरी है. कलम और कॉपी के माध्यम से ही वे अपने परिवार, समाज और क्षेत्र का भविष्य बदल सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बच्चों के हाथों में तलवार और गमछा देना चाहती है, जबकि वह उनके हाथों में कलम और कॉपी देखना चाहते हैं. उनके अनुसार, विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है.
जामताड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज की भी तैयारी
डॉ. अंसारी ने आने वाले दिनों में जामताड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज की दिशा में पहल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनकी सोच है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़े. जामताड़ा में ही उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों.
मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी तकनीकी रूप से दक्ष और समय के अनुरूप तैयार हो सकें.
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर अवसर
सबनपुर और गोकुला हाई स्कूलों को प्लस टू स्तर पर उत्क्रमित करने तथा दोनों विद्यालयों में पांच-पांच डिजिटल क्लासरूम की व्यवस्था की पहल को ग्रामीण शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई करने और आगे की शिक्षा के लिए बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है.
मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य जामताड़ा के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है. आर्थिक अभाव के कारण किसी विद्यार्थी को अपने सपनों से समझौता नहीं करना पड़े. सरकारी विद्यालयों को मजबूत कर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को भी बेहतर भविष्य की राह उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

