जामताड़ा: रेलनगरी चित्तरंजन की महज 14 वर्षीय उभरती कलाकार मंदिरा गांगुली ने अपने अभिनय से एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना के राजभाषा विभाग की ओर से टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित क्षेत्रीय स्तर की हिंदी नाटक प्रतियोगिता-2026 में मंदिरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार अपने नाम किया.


प्रतियोगिता में प्रस्तुत हिंदी नाटक ‘पुतुल का संसार’ में मंदिरा के प्रभावशाली अभिनय को निर्णायकों ने विशेष रूप से सराहा. उनके अभिनय और मंच प्रस्तुति के आधार पर उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के सम्मान के लिए चुना गया.
चिरेका क्लब हाउस में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा ने मंदिरा को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. महज 14 वर्ष की उम्र में क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान हासिल करना मंदिरा के अभिनय सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
बंगाली मनोरंजन जगत में भी बना चुकी हैं पहचान
मंदिरा का अभिनय केवल रंगमंच तक सीमित नहीं है. कम उम्र में ही वह बंगाली मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बना चुकी हैं. उन्होंने जी बांग्ला, स्टार जलसा और कलर्स बांग्ला जैसे टेलीविजन चैनलों के साथ होइचोई ओटीटी प्लेटफॉर्म की प्रस्तुतियों में भी अभिनय किया है.
उनके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ‘बोकुल कथा’, ‘एई पथ जोदी ना शेष होय’, ‘देवी चौधरानी’, ‘दुई सालिक’, ‘तुमी के आमार मा’ और ‘पांच फोरोन’ जैसी प्रस्तुतियां शामिल हैं. रंगमंच से लेकर टेलीविजन और ओटीटी तक लगातार मिल रहे अवसर उनके अभिनय के बढ़ते दायरे को दर्शाते हैं.
सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय मंदिरा
अभिनय के साथ मंदिरा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं. वह सिमजुड़ी दुर्गापूजा कमेटी की सांस्कृतिक सचिव के रूप में पूजा के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों से जुड़ी हैं. इसके अलावा वह चित्तरंजन के बसंती इंस्टीट्यूट के आंतरिक थिएटर से भी जुड़ी हुई हैं.
मंदिरा के पिता अबीर गांगुली चिरेका कर्मी होने के साथ सिमजुड़ी दुर्गापूजा कमेटी के महासचिव हैं. बेटी को कम उम्र में मिली इस उपलब्धि से परिवार के साथ चित्तरंजन के सांस्कृतिक जगत में भी खुशी का माहौल है.
रंगमंच, टेलीविजन और ओटीटी जैसे अलग-अलग माध्यमों में अपनी अभिनय प्रतिभा दिखा रहीं मंदिरा की उपलब्धि चित्तरंजन के युवा और उभरते कलाकारों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

