चांडिल/ Vikash Thakur अनुमंडल के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत चोगा गांव स्थित नटराज कला केंद्र में गुरुवार को फ्रांस से आए पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. पर्यटक यहां प्रसिद्ध मानभूम छऊ नृत्य की बारिकियों को समझने और इस लोकनाट्य कला की झलक देखने पहुंचे थे.

नटराज कला केंद्र के कलाकारों ने मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध पर आधारित छऊ नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसे देख विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए. कलाकारों की भाव- भंगिमाएं, ढोल- नगाड़े और सहनाई की धुनों ने वातावरण को पूरी तरह छऊमय बना दिया.
केंद्र के सचिव प्रभात कुमार महतो ने पर्यटकों को मुखौटा निर्माण, साज- सज्जा, ढोल, नगाड़ा और सहनाई जैसे वाद्य यंत्रों की जानकारी विस्तार से दी. पर्यटक छऊ के मुखौटों और उन्हें बनाने में लगने वाली सामग्रियों का भी अवलोकन कर सके.
फ्रांस से आए जोजेत, अवनी, क्रिस्टीन, जेराद और दोमीनीक ने इस पारंपरिक कला से प्रभावित होकर कहा कि वे अपने देश में भी मानभूम छऊ नृत्य का प्रचार-प्रसार करेंगे. उन्होंने नटराज कला केंद्र के कलाकारों को जल्द ही फ्रांस में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित करने की बात कही.
नई दिल्ली के गाइडर सानु कुमार गिरी ने बताया कि पर्यटक फ्रांस से दिल्ली पहुंचे थे और गो ट्रेवल रांची के सहयोग से सीधे चोगा गांव आए. उन्होंने कहा कि नटराज कला केंद्र के कलाकारों ने देश- विदेश में छऊ नृत्य की पहचान बनाई है और यह झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर का गौरव है.
मौके पर विदेशी मेहमानों के साथ नटराज कला केंद्र के कलाकारों ने समूह फोटो भी लिया और उन्हें पारंपरिक उपहार भेंट किए.

