चांडिल: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों और हरेलाल महतो के पार्टी छोड़ने के बाद आजसू ने शनिवार को नीमडीह के रघुनाथपुर में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया. सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं आजसू के केंद्रीय महासचिव रामचंद्र सहिस शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने का संकल्प लिया.


हरेलाल महतो के पार्टी छोड़ने के बाद ईचागढ़ में आजसू के सामने अपने संगठनात्मक आधार को बनाए रखने की चुनौती है. ऐसे में इस सम्मेलन को पार्टी की सक्रियता और एकजुटता प्रदर्शित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है.
किसी एक व्यक्ति के जाने से पार्टी पर फर्क नहीं पड़ता: सहिस
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रामचंद्र सहिस ने कहा कि आजसू किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की पार्टी है. किसी नेता के पार्टी छोड़कर जाने से संगठन की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. उन्होंने कहा राजनीति में इतना ध्यान रखना चाहिए ताकि जब सामना हो तो आत्मीयता बनी रहे. राजनीति राज्य के विकास के लिए हो. जनता के हित में हो अपने हित के लिए नहीं.

उन्होंने कहा कि आजसू झारखंड आंदोलन की उपज है और राज्य के आदिवासियों एवं मूलवासियों के हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है. पार्टी सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो के नेतृत्व में संगठन ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सहिस ने सुदेश महतो को झारखंड का सर्वमान्य नेता बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने का कथित एजेंडा पूरी तरह निराधार है. उन्होंने दावा किया कि आजसू पहले से अधिक उत्साह और मजबूती के साथ उभरेगी.
गांव-गांव में संगठन मजबूत करने का संकल्प
सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने कहा कि हरेलाल महतो के जाने के बाद भी कार्यकर्ता सुदेश कुमार महतो के नेतृत्व में एकजुट हैं. संगठन को पंचायत और गांव स्तर तक मजबूत करने के लिए नए सिरे से अभियान चलाया जाएगा. नेताओं ने कहा कि हरेलाल महतो को सुदेश महतो ने नेता बनाया. आजसू में नेताओं की कमी नहीं है संगठन व्यक्ति से नहीं विचारों से चलती है. आजसू एक विचारधारा है. हरेलाल जैसे लाखों कार्यकर्ता हैं जो आजसू का झंडा बुलंद करने का माद्दा रखते हैं.

रामचंद्र सहिस ने कहा कि आजसू आने वाले चुनावों के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज करेगी. उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2029 के चुनावी दौर में एक बार फिर मजबूत राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराएगी. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को दिग्भ्रमित कर उनका मनोबल तोड़ने का काम किया गया है. आजसू बीजेपी का सबसे पुराना सहयोगी है. हरेलाल महतो का आजसू छोड़कर बीजेपी में चले गए यह गठबंधन के लिए सही नहीं है. पार्टी आनेवाले दिनों में इसकी समीक्षा करेगी. बीजेपी पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम किया जा रहा है. आजसू ने राज्य को जो दिया है उसे राज्य की जनता देख़ रही है. राज्य की जनता पार्टी के साथ इंसाफ करेगी.
हरेलाल के जाने के बाद संगठन की परीक्षा
ईचागढ़ विधानसभा में लंबे समय तक आजसू की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख चेहरा रहे हरेलाल महतो के अलग होने से पार्टी के सामने नए स्थानीय नेतृत्व को स्थापित करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती खड़ी हुई है. सम्मेलन के माध्यम से पार्टी नेतृत्व ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि संगठन किसी एक नेता पर निर्भर नहीं है. हालांकि, सम्मेलन में दिखाई गई एकजुटता को जमीनी संगठनात्मक मजबूती में बदलना आजसू के लिए आने वाले दिनों की महत्वपूर्ण चुनौती होगी.
कार्यक्रम में केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी, ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रभारी दुबराज महतो, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष कन्हैया सिंह, केंद्रीय सचिव सत्यनारायण महतो उर्फ माकड़ महतो, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव उर्फ माझी साव, आजसू महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष आरती सिंह मुंडा, अप्पू तिवारी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

