चाईबासा: राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित खेलकूद कार्यक्रम के दौरान चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां मैराथन दौड़ में हिस्सा ले रहे बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र विक्रांत टुडू की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई.

मृतक छात्र 22 वर्षीय विक्रांत टुडू धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनोटांड़ गांव का निवासी था. उसके पिता नकुल टुडू पारा शिक्षक हैं. तीन बड़ी बहनों के बाद विक्रांत परिवार का सबसे छोटा और इकलौता भाई था.
यह हादसा मंगलवार दोपहर को हुआ, जिसकी सूचना कॉलेज प्रबंधन द्वारा परिजनों को दी गई.
बुधवार को परिजन चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद परिजनों ने छात्र की मौत को कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए मुआवजे की मांग की. बुधवार दोपहर तक परिजनों और कॉलेज प्रबंधन के बीच बातचीत चलती रही, लेकिन किसी नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी.
मृत छात्र के जीजा रवीश्वर मरांडी ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से समय पर उचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण विक्रांत की जान चली गई. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
वहीं चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डी. राहा ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि कॉलेज में समय- समय पर खेलकूद गतिविधियां होती रहती हैं और यह कोई अनिवार्य प्रतियोगिता नहीं थी. जिन छात्रों ने स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन कराया था, उन्होंने ही दौड़ में भाग लिया.
प्रिंसिपल ने बताया कि दौड़ के दौरान विक्रांत की तबीयत बिगड़ते ही उसे तुरंत सीपीआर दिया गया और कॉलेज की एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को आर्थिक सहायता देने के विषय में कॉलेज प्रबंधन विचार कर रहा है.

