बोकारो: विस्थापितों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है. विस्थापितों ने नियोजन और 20 डिसमिल जमीन की मांग को लेकर बोकारो इस्पात संयंत्र के प्रशासनिक भवन के सामने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है. बताया जा रहा है कि यह आंदोलन किसी संगठन के बैनर तले नहीं चल रहा है, बल्कि विस्थापित खुद एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं.

आंदोलनकारियों का कहना है कि 3 अप्रैल 2025 को हुए विस्थापित आंदोलन के दौरान बीएसएल एडीएम के सामने प्रेम महतो की मौत हो गई थी. आंदोलनकारियों के अनुसार 5 अप्रैल 2025 को धनबाद सांसद, बोकारो विधायक, जिला प्रशासन और प्रबंधन की मौजूदगी में बैठक हुई थी. उस दौरान मृतक प्रेम महतो के परिवार को नौकरी देने, उनकी प्रतिमा के लिए बनने वाले पार्क हेतु 20 डिसमिल जमीन देने और अप्रेंटिस विस्थापितों को क्रमबद्ध तरीके से नियोजन देने का आश्वासन दिया गया था.
आंदोलनकारियों का कहना है कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक इन मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है. इसी कारण उन्होंने दोबारा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है.
इधर बीएसएल प्रबंधन ने आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की. बैठक में बीएसएल के सीजीएम (एचआर), आईआर विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आंदोलनकारी शामिल हुए. प्रबंधन का कहना है कि स्थायी नौकरी देने का अधिकार उनके पास नहीं है, इसलिए वे इस संबंध में कोई वादा नहीं कर सकते. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएल में कार्यरत ठेका कंपनियों में विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर काम दिया जा रहा है और आगे भी दिया जाएगा.
प्रबंधन ने यह भी बताया कि सेक्टर-11 में कृतज्ञता पार्क का निर्माण कराया जा रहा है, जहां बीएसएल के लिए सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों के प्रति आभार प्रकट किया जाएगा.
हालांकि आंदोलनकारी प्रबंधन के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुए और वार्ता विफल हो गई. सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर रात तक जारी रहा. मौके पर प्रशासन और पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

