बोकारो: स्टील प्लांट यानी BSL में नौकरी की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा. 12 अक्टूबर को भूख हड़ताल पर बैठे कई आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.


वहीं, शाम को आंदोलनकारियों ने मोमबत्ती जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की. विस्थापित अप्रेंटिस संघ की मांग है कि बीएसएल प्रबंधन विस्थापित अप्रेंटिस को नियोजन देने की दिशा में ठोस कदम उठाए. जिला प्रशासन की पहल पर प्रबंधन के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. ऐसे में सवाल है कि आखिर विस्थापितों की नौकरी की मांग पर समाधान कब निकलेगा?
नौकरी की मांग पर आमरण अनशन
बोकारो में बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन लगातार जारी है. संघ ने 10 अक्टूबर से बोकारो स्टील प्लांट के प्रशासनिक भवन के सामने टू-टेन गार्डन स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन शुरू किया था.
आंदोलनकारियों की मांग है कि बीएसएल में विस्थापित अप्रेंटिस को नौकरी देने के लिए ठोस पहल की जाए. उनका कहना है कि नियोजन की मांग को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकल पाया है.
तीसरे दिन बिगड़ी
आंदोलनकारियों की तबीयत
आमरण अनशन के तीसरे दिन, 12 अक्टूबर को, भूख हड़ताल पर बैठे कई आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ने से धरना स्थल पर चिंता का माहौल बन गया.
लगातार अनशन के बीच स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आने से आंदोलन और गंभीर हो गया है. ऐसे में आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य की निगरानी और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण हो गया है.
प्रबंधन के साथ वार्ता बेनतीजा
आंदोलन के दूसरे दिन, 11 अक्टूबर को, जिला प्रशासन की पहल पर विस्थापित अप्रेंटिस संघ और बीएसएल प्रबंधन के बीच वार्ता हुई थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल सकता है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी.
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलनकारियों का आमरण अनशन जारी है. विस्थापित अप्रेंटिस संघ अपनी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग कर रहा है. अब देखना होगा कि प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से आगे क्या पहल की जाती है.
शाम को निकाला मोमबत्ती जुलूस
नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने 12 अक्टूबर की शाम को मोमबत्ती जुलूस निकाला. इस जुलूस के जरिए आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराया और बीएसएल प्रबंधन से नियोजन के मुद्दे पर ठोस निर्णय लेने की अपील की.
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे. वहीं, आमरण अनशन के दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से आंदोलन के जल्द समाधान की मांग भी तेज हो गई है.
कब निकलेगा नौकरी की मांग का समाधान?
बोकारो में बीएसएल नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन अब अहम मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. एक ओर आंदोलनकारी नौकरी की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर प्रबंधन के साथ हुई वार्ता से अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाल पाएंगे, या विस्थापितों का आंदोलन आगे और तेज होगा? फिलहाल सभी की नजरें अगले कदम और आंदोलनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति पर टिकी हैं.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा

